होर्मुज पर सस्पेंस ही सस्पेंस! किसका ज्यादा हक ईरान या ओमान?

Strait of Hormuz कहने को तो यह रास्ता ईरान और ओमान के बीच बंटा है, लेकिन असली पावर किसके हाथ में है, इसे लेकर सस्पेंस बरकरार रहता है। एक तरफ दुनिया का सबसे ओमान है तो दूसरी तरफ ईरान।

दुनिया के नक्शे पर एक छोटा सा समुद्री रास्ता ऐसा है, जहां से गुजरने वाला हर जहाज पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था की धड़कन तय करता है। इसे हम 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के नाम से जानते हैं। पिछले कुछ समय से ईरान अमेरिका (Iran War) के बीच बढ़ते तनाव के कारण यह इलाका चर्चा के केंद्र में है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में एक बड़ा सवाल उठता है कि आखिर इस रणनीतिक रास्ते पर मालिकाना हक किसका है? क्या ईरान यहां का 'अकेला राजा' है या ओमान के पास भी इसके बराबर के अधिकार हैं?

Strait Of Hormuz

किसका है हक?

होर्मुज जलडमरूमध्य उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान के 'मुसंदम प्रायद्वीप' (Musandam Peninsula) के बीच स्थित है। यह रास्ता फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। इसकी सबसे कम चौड़ाई मात्र 33 से 34 किलोमीटर के आसपास है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (UNCLOS) के अनुसार, किसी भी देश का अपने तट से 12 समुद्री मील (लगभग 22 किलोमीटर) तक का इलाका उसका 'प्रादेशिक जल' (Territorial Waters) माना जाता है। चूंकि यह जलसंधि इतनी संकरी है, इसलिए ईरान और ओमान दोनों की समुद्री सीमाएं यहां एक-दूसरे के ऊपर आ जाती हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाज या तो ईरान के पानी में होते हैं या ओमान के।

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