Who Is Baap Of Chart Mohammad Nasiruddin Ansari: सेबी ने ‘बाप ऑफ चार्ट’ के नाम से गैर कानूनी रूप से निवेश सलाहकार सेवाएं देने वालीं तीन इकाइयों को शेयर बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है। इन इकाइयों से 17 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध कमाई को जब्त करने का आदेश भी दिया गया है।सेबी के अनुसार खुद को निवेश सलाहकार बताने वाले मोहम्मद नसीरुद्दीन अंसारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और मैसेजिंग मंच टेलीग्राम के माध्यम से ‘बाप ऑफ चार्ट’ के नाम से शेयर बाजार में निवेश करने की सलाह देता था। ये सिफारिशें प्रतिभूति बाजार से संबंधित शैक्षिक प्रशिक्षण प्रदान करने की आड़ में दी गई थीं। और इसके जरिए लोगों से अवैध रूप से वसूली की है।
कौन है मोहम्मद नसीरुद्दीन अंसारी
कौन है मोहम्मद नसीरुद्दीन अंसारी
मोहम्मद नसीरुद्दीन अंसारी 'बाप ऑफ चार्ट' (बीओसी) के नाम से एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म चलाता है। जो बिना किसी पंजीकरण के निवेश सलाहकार के रूप में काम करता था। अंसारी ने शेयर बाजार में निवेश करने को लेकर लोगों को शैक्षिक पाठ्यक्रमों की आड़ में प्रेरित करता था। और उन्हें भ्रामक तरीके से सुनिश्चित रिटर्न देने का दावा भी करता था। नासिर अपने वीडियो में बार-बार अपनाई गई रणनीतियों के कारण मुनाफा कमाने के अपने अनुभव का जिक्र करता और और लोगों को उसी रणनीति के आधार पर निवेश करने के लिए उकसाता था। और दावा करता था कि इस रणनीति से 200-300 फीसदी का मुनाफा होगा।
बेकार थी उसकी रणनीति
रिपोर्ट के अनुसार, नासिर जिस रणनीति का दावा करता था, वह पूरी तरह से फेल रही है। वह दावा करता था कि वह 20-30 प्रतिशत का मुनाफा कमा रहा था, वास्तव में उसे 1 जनवरी, 2021 से 7 जुलाई, 2023 की अवधि के लिए 2.89 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। वह यह भी दावा करता है कि बीओसी की सिफारिशों में 95 प्रतिशत सटीकता है, जबकि नासिर खुद 2.5 साल की अवधि में कोई लाभ नहीं कमा सका।
नासिर के यूट्यूब चैनल (@Baapofchart) के 4.43 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स और 7 करोड़ से ज्यादा व्यूज हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार, उस यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए कुछ वीडियो के विश्लेषण में देखा गया कि वीडियो ट्रेडिंग के जरिए तुरंत और लगातार रिटर्न का वादा करता है।नासिर द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए इन संदेशों/स्क्रीनशॉट की जांच के दौरान यह देखा गया कि नासिर लोगों को प्रतिभूतियों में सौदा करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से तथाकथित 'शैक्षणिक पाठ्यक्रमों'/'कार्यशालाओं' की सदस्यता लेने के लिए लालच दे रहा था।
