मकान मालिक नहीं लौटा रहा Security Deposit? क्या करे किराएदार

अगर आपका मकान मालिक सिक्योरिटी डिपॉजिट लौटाने में आनाकानी कर रहा है, तो रेंट एग्रीमेंट, चैट और घर की तस्वीरें आपके बड़े काम आ सकती हैं। जानिए कैसे इन सबूतों के जरिए आप लीगल नोटिस, पुलिस या कोर्ट का सहारा लेकर अपना पैसा वापस पा सकते हैं।

भारत के बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु या नोएडा में किराए पर घर लेकर रहना एक आम बात है। घर किराए पर लेते समय मकान मालिक (Landlord) एडवांस किराए के अलावा एक निश्चित रकम 'सिक्योरिटी डिपॉजिट' के रूप में जमा करवाते हैं। नियम के मुताबिक, जब किराएदार घर खाली करता है, तो मकान मालिक को यह रकम पूरी या फिर किसी वास्तविक नुकसान की कटौती के बाद वापस करनी होती है। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि घर खाली करने के समय कई मकान मालिक आनाकानी करने लगते हैं, तरह-तरह के बहाने बनाते हैं या फिर टूट-फूट का झूठा आरोप लगाकर पूरा पैसा हड़पने की कोशिश करते हैं। अगर आप भी ऐसी ही किसी समस्या से जूझ रहे हैं और आपका मकान मालिक आपका सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं लौटा रहा है, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। भारतीय कानून में किरायेदारों को मजबूत अधिकार दिए गए हैं, जिनकी मदद से आप अपना पैसा वापस पा सकते हैं।

Security Deposit

क्या है रेंट एग्रीमेंट का महत्व?

मकान मालिक के खिलाफ कोई भी कदम उठाने से पहले यह समझना जरूरी है कि रेंट एग्रीमेंट (Rent Agreement) की कानूनी अहमियत क्या है। घर लेते समय जो एग्रीमेंट बनता है, उसमें सिक्योरिटी डिपॉजिट की राशि और उसे वापस करने की समय सीमा साफ-साफ लिखी होती है। आमतौर पर घर खाली करने या पजेशन सौंपने के 15 से 30 दिनों के भीतर मकान मालिक को यह पैसा लौटाना होता है। कानूनन, मकान मालिक केवल बकाया किराया, बिजली-पानी का बिल या किराएदार की लापरवाही से हुए बड़े नुकसान (जैसे दीवार या टाइल्स तोड़ना) की रकम ही डिपॉजिट से काट सकता है। घर में रहने के दौरान होने वाली सामान्य टूट-फूट, जैसे कि दीवारों का पुराना पेंट खराब होना या नलों का घिसना (Normal Wear and Tear), इसके दायरे में नहीं आता और इसके नाम पर मकान मालिक आपका पैसा नहीं रोक सकता।

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