Reliance के कमजोरी नतीजों के बाद क्या हो शेयरों पर रणनीति, खरीदें, बेचें या टिके रहें?

देश की सबसे बड़ी कंपनी के नतीजे कमजोर रहे हैं। खासतौर पर ऑयल गैस और O2C बिजनेस ने कंपनी पर दबाव बढ़ाया है। लेकिन, इसके बाद भी सोमवर को शेयर मे हल्की तेजी है। जानें क्या है ब्रोकरेज की राय?

KEY HIGHLIGHTS
  1. हेडलाइन ग्रोथ और टॉपलाइन परफॉर्मेंस : कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 13% की गिरावट, जो बताती है कि इस तिमाही में कमाई पर दबाव रहा। वहीं, टॉपलाइन परफॉर्मेंस देखें, तो रेवेन्यू 13% बढ़कर ₹2.94 लाख करोड़, यानी बिजनेस ग्रोथ मजबूत बनी हुई है।
  2. मार्जिन ट्रेंड और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस : EBITDA मार्जिन 15%, सालाना आधार पर करीब 180 बेसिस पॉइंट की गिरावट, प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव साफ दिखा है। वहीं, ऑपरेशनल परफॉर्मेंस के लिहाज से O2C और अपस्ट्रीम बिजनेस कमजोर, जबकि Jio और Retail ने ग्रोथ को सपोर्ट किया है।
  3. हेडविंड्स और टेलविंड्स : ऊंचे क्रूड प्राइस, वेस्ट एशिया तनाव, O2C मार्जिन दबाव और सरकारी प्राइसिंग पॉलिसी का असर ग्रोथ को रोक रहा है। जबकि, Jio में ARPU ग्रोथ, Retail विस्तार, New Energy निवेश और संभावित Jio IPO जैसे ट्रिगर्स टेलविंड्स का काम कर रहे हैं।
  4. ब्रोकरेज व्यू और इन्वेस्टमेंट टेकअवे : टारगेट प्राइस में कटौती, लेकिन ज्यादातर ब्रोकरेज ने Buy/Overweight रेटिंग बरकरार रखी है। इसका मतलब है कि शॉर्ट टर्म में कमजोरी, लेकिन लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी कायम है। ऐसे में Hold और Dips पर Buy रणनीति बेहतर

कमजोर तिमाही नतीजों के बाद Reliance Industries के शेयरों को लेकर निवेशकों में असमंजस है। मुनाफे में गिरावट और मार्जिन दबाव ने चिंता बढ़ाई है, लेकिन ब्रोकरेज हाउस अब भी लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा जता रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि अब रणनीति क्या होनी चाहिए?

Reliance

कमजोरी नतीजों के बाद भी ब्रोकरेज का रुख पॉजिटिव

Reliance इस समय एक ट्रांजिशन फेज में है, जहां पारंपरिक बिजनेस दबाव में हैं, लेकिन नए बिजनेस भविष्य की ग्रोथ का आधार तैयार कर रहे हैं। इसलिए यह स्टॉक कमजोर नतीजों के बावजूद पूरी तरह से नकारात्मक नहीं है, बल्कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर बना हुआ है।

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