भारत के सहारे अमेरिका समेत पश्चिमी देश, दुनिया के युद्ध ने बदली तस्वीर, जानें कैसे?

ईरान-अमेरिका युद्ध और रूस-युक्रेन युद्ध ने दुनियाभर के तेल मार्केट को बुरी तरह से प्रभावित किया है। इसका असर पूरी दुनिया पर हुआ है। दुनिया के अधिकांश देश महंगा तेल खरीदने को मजबूर हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 19 से 22 अक्टूबर तक भारत के दौरे पर हैं। आमतौर पर अमेरिकी मंत्री दिल्ली आते हैं, लेकिन इस बार उनका यह दौरा मुंबई और जामनगर पर केंद्रित है। इसके पीछे अमेरिका का गंभीर घरेलू ईंधन संकट है। ईरान के साथ चल रहे युद्ध के कारण अमेरिका में डीजल और ईंधन की भारी किल्लत पैदा हो गई है। मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले आसमान छूती कीमतों के चलते ट्रंप प्रशासन भारी दबाव में है। इस संकट से पार पाने के लिए रुबियो सीधे जामनगर रिफाइनरी पहुंच रहे हैं, ताकि भारत से डीजल का आयात बढ़ाया जा सके। अमेरिका द्वारा रूसी तेल पर प्रतिबंधों में ढील देना भी इसी मजबूरी का हिस्सा है।

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भारत कर रहा तेल का निर्यात

बदलते वैश्विक हालात में यह मजबूरी सिर्फ अमेरिका की नहीं है। यूरोप समेत तमाम पश्चिमी देश आज अपनी ईंधन जरूरतों के लिए भारत पर पूरी तरह निर्भर हो गए हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध और भू-राजनीतिक तनावों के बीच, भारतीय रिफाइनरियां आज ग्लोबल एनर्जी मार्केट की असली 'लाइफलाइन' बन चुकी हैं।

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