अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच तेल के दाम को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका की जीत के बाद ऑयल प्राइस में तेज गिरावट आएगी। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि अमेरिका में पेट्रोल का दाम $2 प्रति गैलन तक नीचे जा सकता है।
ट्रंप ने किया बड़ा दावा
Trump का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब ईरान के साथ जारी जंग लगातार भड़कती जा रही है। इसकी वजह से होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) से ऑयल सप्लाई पूरी तरह बंद होने का जोखिम बढ़ रहा है। नतीजतन क्रूड ऑयल का भाव 6 सप्ताह के शीर्ष पर पहुंच गया है और फिलहाल Brent crude करीब $97 प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। ट्रंप का दावा मौजूदा हालात से पूरी तरह विपरीत नजर आता है।
Trump ने क्या कहा?
Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर कहा कि ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के बाद तेल की कीमतें अचानक बहुत तेजी से गिरेंगी। उन्होंने लिखा कि युद्ध जीतने के बाद ऑयल प्राइस में आने वाली गिरावट के चलते अमेरिका में पेट्रोल $3 प्रति गैलन से $2 प्रति गैलन तक गिर सकती है। इसके साथ ही ट्रंप ने दावा किया कि ईरान किसी भी हालत में परमाणु हथियार विकसित नहीं कर पाएगा। इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि यह सब बहुत जल्द ही होगा।
ईरान की चेतावनी से बढ़ा एनर्जी मार्केट में संकट
अमेरिकी हमलों के बीच ईरान ने खाड़ी देशों के ऑयल और गैस फील्ड को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालीबाफ ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के तेल और गैस इन्फ्रा पर अमेरिका ने हमला किया, तो पूरे खाड़ी क्षेत्र को इसका खामियाजा भुगतना होगा। खासतौर पर अमेरिका की तेल और गैस कंपनियों के संसाधनों को निशाना बनाया जाएगा। ईरान की यह प्रतिक्रिया अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ की उस चेतावनी के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर ईरान ने अमेरिकी जहाजों पर हमला किया, तो अमेरिका उसके ऑयल टैंकर को निशाना बना सकता है।
Goldman Sachs का भी बड़ा अनुमान
Goldman Sachs ने भी युद्ध की वजह से लंबे समय तक आपूर्ति चौपट होने की वजह से ऑयल मार्केट को लेकर अपना रुख बदला है। गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि दिसंबर 2026 में ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत करीब $85 प्रति बैरल तक रह सकती है। वहीं, 2027 में Brent के लिए करीब $80 का अनुमान दिया है।
OPEC+ का फैसला भी अहम
इस बीच OPEC+ ने अक्टूबर के लिए अपनी ऑयल आउटपुट पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में क्रूड मार्केट में सप्लाई साइड पर जियोपॉलिटिकल टेंशन का असर बरकरार रहेगा।
