बिजनेस

इस दिवाली कैश नहीं, शेयर-म्यूचुअल फंड करें गिफ्ट! जानें कितना लगेगा टैक्स और क्या हैं नियम

दिवाली पर कैश या मिठाई की जगह शेयर और म्यूचुअल फंड गिफ्ट करना भविष्य के लिए उपयोगी तोहफा हो सकता है। लेकिन इसे ट्रांसफर करने का तरीका और टैक्स नियम समझना जरूरी है, ताकि बाद में परेशानी न हो।

Image

Mutual Fund

दिवाली पर लोग अपने परिवार और दोस्तों को पैसे, मिठाई, कपड़े और सोने-चांदी के गहने गिफ्ट करते हैं। लेकिन अब त्योहार पर शेयर और म्यूचुअल फंड की यूनिट्स देने का विकल्प भी लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। इस तरह का तोहफा सिर्फ कुछ समय की खुशी नहीं देता, बल्कि लंबे समय में निवेश बढ़ने का मौका भी दे सकता है। हालांकि, शेयर या म्यूचुअल फंड गिफ्ट करने से पहले उसके ट्रांसफर की प्रक्रिया और इनकम टैक्स के नियमों को समझना जरूरी है।

अगर आपके पास डीमैट अकाउंट में शेयर या ETF हैं, तो आप ब्रोकर की सुविधा के अनुसार उन्हें दूसरे व्यक्ति के डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं। इसके लिए आमतौर पर प्राप्तकर्ता के डीमैट अकाउंट की जानकारी और जरूरी अनुमति या दस्तावेजों की जरूरत होती है। वहीं, म्यूचुअल फंड की यूनिट्स ट्रांसफर करने का तरीका इस बात पर निर्भर करता है कि वे किस प्लेटफॉर्म और किस रूप में रखी गई हैं। हर निवेश को सीधे गिफ्ट करना संभव नहीं होता, इसलिए ट्रांसफर से पहले अपने ब्रोकर, म्यूचुअल फंड हाउस या संबंधित प्लेटफॉर्म से प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए।

क्या शेयर या म्यूचुअल फंड गिफ्ट करने पर टैक्स लगता है?

टैक्स इस बात पर निर्भर करता है कि आप किसे निवेश गिफ्ट कर रहे हैं। अगर आप अपने पति या पत्नी, माता-पिता, बच्चों, भाई-बहन जैसे कानून में निर्धारित रिश्तेदारों को शेयर या म्यूचुअल फंड गिफ्ट करते हैं, तो आमतौर पर उन्हें गिफ्ट मिलने के समय उस पर इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता। लेकिन अगर आप किसी ऐसे दोस्त या व्यक्ति को गिफ्ट देते हैं, जो निर्धारित रिश्तेदारों की श्रेणी में नहीं आता, तो नियम अलग हो सकते हैं। ऐसे व्यक्ति को बिना भुगतान मिले शेयर या अन्य निर्धारित संपत्ति का कुल उचित बाजार मूल्य 50,000 रुपये से अधिक होने पर, सामान्यतः पूरी राशि टैक्स के दायरे में आ सकती है। कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट मिलती है।

गिफ्ट बेचने पर भी लग सकता है टैक्स

यह समझना जरूरी है कि निवेश गिफ्ट मिलने पर टैक्स न लगने का मतलब यह नहीं है कि उसे बेचने पर भी टैक्स नहीं लगेगा। अगर प्राप्तकर्ता बाद में शेयर या म्यूचुअल फंड बेचकर मुनाफा कमाता है, तो उस पर लागू नियमों के अनुसार कैपिटल गेन टैक्स लग सकता है। आमतौर पर मुनाफे की गणना के लिए मूल निवेशक की खरीद कीमत और होल्डिंग अवधि को ध्यान में रखा जाता है। इसलिए निवेश बेचने से पहले टैक्स की गणना समझना जरूरी है।

दिवाली पर निवेश गिफ्ट करने से पहले क्या ध्यान रखें?

शेयर और म्यूचुअल फंड गिफ्ट करना लंबे समय के वित्तीय लक्ष्य के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन शेयर बाजार में जोखिम रहता है और निवेश की कीमत घट भी सकती है। गिफ्ट देने से पहले ट्रांसफर के दस्तावेज सुरक्षित रखें और यह भी जांचें कि पति-पत्नी या नाबालिग बच्चों को दिए गए निवेश से होने वाली आय पर आयकर के क्लबिंग नियम लागू होते हैं या नहीं। बड़ी रकम के निवेश को गिफ्ट करने से पहले टैक्स विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article