शेयर बाजार में निवेशक करने वालों की संख्या इतने करोड़ के पार, महिलाओं ने भी रचा नया कीर्तिमान

एक्सचेंज ने गुरुवार को बताया कि उससे जुड़े हर चार निवेशकों में से एक महिला है। इस साल जनवरी में एनएसई ने 11 करोड़ का आंकड़ा पार किया था। एनएसई ने एक बयान में कहा कि पंजीकृत निवेशक आधार 14 साल बाद एक करोड़ पर पहुंचा था।

शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कोरोना महामारी के बाद निवेशकों की संख्या में तेजी से उछाल आया है। आपको बता दें कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर रजिस्टर्ड निवेशकों की संख्या 23 सितंबर को 12 करोड़ के पार पहुंच गई है। यानी शेयर बाजार में निवेशकों की संख्या 12 करोड़ के पार निकल गई है। वहीं, पिछले 8 महीने में ही 1 करोड़ नए निवेशक जुड़े हैं। एनएसई के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर श्री श्रीराम कृष्णन ने कहा कि इस साल हमने निवेशक आधार में एक और बड़ा पड़ाव पार किया है। जनवरी 2025 में 11 करोड़ का आंकड़ा छूने के बाद सिर्फ आठ महीनों में एक करोड़ नए निवेशक जुड़ना, यह दिखाता है कि निवेशकों का भरोसा बाजार पर लगातार बढ़ रहा है। आसान KYC प्रक्रिया, निवेशक शिक्षा कार्यक्रम और सकारात्मक बाज़ार भावनाओं ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। इक्विटीज़, ETFs, REITs, InvITs, सरकारी व कॉरपोरेट बॉन्ड्स जैसे इंस्ट्रूमेंट्स में निवेशकों की बढ़ती रुचि इसी भरोसे का प्रतीक है।

शेयर बाजार

शेयर बाजार (Istock)

महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी

  • आज हर चार में से एक निवेशक महिला है। युवाओं की भागीदारी भी रिकॉर्ड स्तर पर है।
  • पंजीकृत निवेशकों की औसत आयु अब 33 वर्ष है, जो पांच साल पहले 38 वर्ष थी।
  • करीब 40% निवेशक 30 वर्ष से कम उम्र के हैं।
  • निवेशक आधार अब भारत के 99.85% पिन कोड्स तक पहुंच चुका है।
  • राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र (1.9 करोड़), उत्तर प्रदेश (1.4 करोड़) और गुजरात (1.03 करोड़) यूनिक निवेशकों के लिहाज से टॉप पर हैं।

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