Swiggy IPO: भारतीय फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म स्विगी लिमिटेड इस हफ्ते अपने आईपीओ के लिए आवेदन करने पर विचार कर रही है। इससे पहले, कंपनी को अपने आईपीओ के लिए अपने शेयरधारकों से मंजूरी मिल गई थी, और अब कंपनी अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, स्विगी आईपीओ के जरिए 1 बिलियन डॉलर (8390.5 करोड़ रु) से अधिक जुटा सकती है। बेंगलुरु स्थित यह कंपनी आईपीओ के लिए आवेदन करने से पहले भारत के सेबी (SEBI) से मंजूरी मिलने का इंतजार कर रही है।
स्विगी आईपीओ के लिए आवेदन कर सकती है
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आईपीओ फंड से क्या करेगी स्विगी
इससे पहले अप्रैल में स्विगी को शेयरधारकों से 1.25 बिलियन डॉलर (10488 करोड़ रु) तक के आईपीओ के लिए मंजूरी मिली थी। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, स्विगी अपने आईपीओ से आने वाले फंड का इस्तेमाल अपने स्विगी इंस्टामार्ट कारोबार को बढ़ाकर और नए गोदाम खोलकर रैपिड कॉमर्स मार्केट में जोमैटो से मुकाबला करने के लिए करने की योजना बना रही है।
1.5 लाख से अधिक रेस्टोरेंट से पार्टनर
स्विगी - जिसकी शुरुआत 2014 में हुई थी, दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश में फूड डिलीवरी करती है। भारत में इसकी 150,000 से अधिक रेस्टोरेंट के साथ साझेदारी है। कंपनी जोमैटो लिमिटेड, अमेजन डॉट कॉम इंक की भारतीय यूनिट और टाटा ग्रुप की बिगबास्केट जैसी उल्लेखनीय कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
बता दें कि स्विगी में सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्पोरेशन ने निवेश किया हुआ है।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर एक संभावित आईपीओ की जानकारी दी गई है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
