भारत में 42 फीसदी लोग करते हैं डिजिटल लेनेदेन, 24 फीसदी लोग फाइनेंशियली एजुकेटेड

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Nov 27, 2023, 09:53 AM IST

स्टैंडर्ड एंड पूअर्स फाइनेंशियल सर्विसेज एलएलसी के ग्लोबल सर्वे में खुलासा हुआ है कि दक्षिण एशियाई देशों में 25 फीसदी से भी कम युवा आर्थिक तौर पर साक्षर हैं।

भारतीय वैश्विक स्तर पर 42 फीसदी तक डिजिटल लेनदेन में योगदान करते हैं। भारत में सिर्फ 24 फीसदी लोग फाइनेंशियली एजुकेटेड हैं। स्टैंडर्ड एंड पूअर्स फाइनेंशियल सर्विसेज एलएलसी के ग्लोबल सर्वे में खुलासा हुआ है कि दक्षिण एशियाई देशों में 25 फीसदी से भी कम युवा आर्थिक तौर पर साक्षर हैं। मोदी सरकार की 9 साल पहले शुरू की गई जनधन योजना का लोगों के जीवन पर किस तरह बदलाव हुआ उसके बारे में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने जानकारी दी। वह एवोक इंडिया फाउंडेशन की इंटरनेशनल फाइनेंशियल लिटरेसी कॉन्क्लेव-2023 में बोल रहे थे। सुरेश प्रभु ने बताया कि जनधन योजना ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के बैंक खाते खोले गए। जिससे उन्होंने फाइनेंशियल एजुकेशन अपने आप सीख लिया। इसके लिए उन्हें किसी क्लास में या स्कूल में जाने की जरूरत नहीं पड़ी।

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एवोक इंडिया फाउंडेशन की इंटरनेशनल फाइनेंशियल लिटरेसी कॉन्क्लेव-2023

इसका असर यह हुआ कि कुछ समय बाद ही उनके परिवार और खासतौर पर बच्चों की लाइफस्टाइल में बदलाव देखा गया। पैसों के सही इस्तेमाल की जरूरतों को समझते हुए महिलाओं ने पूरा फाइनेंशियल एजुकेशन ही समझ लिया। उन्होंने आगे यह भी कहा कि असल में फाइनेंशियल एजुकेशन कहीं और से नहीं बल्कि खुद से सीखने की चीज है।

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