Sensex Prediction for Tomorrow 7 April: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पारस्परिक टैरिफ घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में आई गिरावट के अनुरूप शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भी गिरावट आई। अमेरिकी टैरिफ पर रेस्पॉन्स करते हुए चीन ने भी अमेरिका से होने वाले आयात पर 34 प्रतिशत टैक्स लगा दिया, जिससे शुक्रवार को एसएंडपी 500 और डॉव जोन्स में और गिरावट आई। चीन की इस घोषणा के बाद, अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज एसएंडपी 500 में 6 प्रतिशत की गिरावट आई और बीता हफ्ता इसके लिए मार्च 2020 के बाद से सबसे खराब सप्ताह रहा। वहीं डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 2,231 अंक या 5.5 प्रतिशत की गिरावट आई। नैस्डैक में 5.8 प्रतिशत की गिरावट आई।
अगला हफ्ता शेयर बाजार के लिए रहेगा अस्थिर
ये भी पढ़ें -
भारतीय शेयर बाजार का भी निकला दम
वहीं शुक्रवार को बीएसई बेंचमार्क सेंसेक्स 930.67 अंक या 1.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,364.69 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 23,000 से नीचे बंद हुआ। अब यह देखना होगा कि शुक्रवार शाम को अमेरिकी शेयर बाजार में आई गिरावट का सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर कितना असर पड़ता है।
बता दें कि गिफ्ट निफ्टी, जो कि सेंसेक्स और निफ्टी के कारोबार की शुरुआत का शुरुआती संकेतक है, एक गैप डाउन शुरुआत का संकेत दे रहा है, क्योंकि शुक्रवार को इसमें 400 से अधिक अंकों की गिरावट आई थी।
क्या कह रहे एक्सपर्ट (Sensex Prediction for Tomorrow, 7 April)
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत पर टैरिफ उम्मीद से ज़्यादा है, लेकिन यह चीन, वियतनाम, थाईलैंड, इंडोनेशिया और बांग्लादेश जैसे देशों पर लगाए गए टैरिफ की तुलना में कम है। ईटी नाउ की रिपोर्ट के अनुसार मोतीलाल ओसवाल के सिद्धार्थ खेमका ने कहा है कि 'हमें उम्मीद है कि पारस्परिक टैरिफ का असर सीमित होगा।'
वहीं आनंद राठी स्टॉक ब्रोकर्स के जिगर पटेल ने बताया कि शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आई और बियर्स (मंदड़ियों) ने अपना दबदबा बनाए रखा और सेंसेक्स को 1.22 प्रतिशत तक नीचे खींच लिया। उन्होंने कहा, "तकनीकी संकेतक बताते हैं कि बाजार ओवरसोल्ड है, जो अगले कुछ सत्रों में मौजूदा अस्थिरता के बीच संभावित उछाल का संकेत देता है।"
Sensex के लिए किस लेवल पर है सपोर्ट
मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार सोमवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स के लिए 75,800 पर अड़चन और 75,000 पर सपोर्ट रह सकता है। जिगर पटेल के अनुसार 75,800 से ऊपर का ब्रेकआउट तेजी का संकेत दे सकता है, जबकि 75,000 से नीचे की गिरावट 74,800 की ओर वापसी हो सकती है।
इस बीच बजाज ब्रोकिंग ने एक नोट में कहा कि मौजूदा गिरावट का उपयोग क्वालिटी स्टॉक्स में खरीदारी के अवसर के रूप में किया जाना चाहिए।
इस हफ्ते के अहम फैक्टर्स
अमेरिकी पारस्परिक टैरिफ के प्रभाव और सप्ताह के दौरान आगे कुछ क्षेत्रों पर टैरिफ की संभावित घोषणाओं की चिंता के कारण इस सप्ताह शेयर बाजार अस्थिर रह सकता है। 9 अप्रैल को आरबीआई की मौद्रिक नीति के नतीजों और 10 अप्रैल को टीसीएस के नतीजों के साथ शुरू होने वाले वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही के इनकम सेशन पर भी फोकस रहेगा।
डिस्क्लेमर : ये लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है और इसे किसी भी निवेश की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डॉट कॉम अपने पाठकों/दर्शकों को सुझाव देता है कि वे निवेश से संबंधित कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लें।
