Share Market Closing Bell Sensex Nifty Today : भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को आखिरकार सुस्ती की चाल बदल दी। लगातार 7 दिन बिकवाली के दबाव और सीमित दायरे के कारोबार के बाद बाजार में जोरदार खरीदारी लौटी है। इसके चलते Sensex 628 अंक उछल गया, जबकि Nifty भी 154 अंक की मजबूती के साथ बंद हुआ। कारोबार खत्म होने पर Sensex 77,537.72 और Nifty 24,231.85 के स्तर पर रहे। खास बात यह रही कि तेजी केवल कुछ चुनिंदा बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी दिखाई दी।
क्रूड में तेजी और युद्ध की आशंका के बीच भी बाजार भागा
7 दिन की सुस्ती के बाद क्यों आई तेजी?
पिछले 7 सत्रों से बाजार में एक तरह की थकान दिख रही थी। निवेशक बड़े ट्रिगर का इंतजार कर रहे थे और खरीदारी सीमित थी। गुरुवार को घरेलू बाजार को ग्लोबल संकेतों से राहत मिली। एशियाई बाजारों में मजबूत तेजी और अमेरिकी बाजारों के सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। Nikkei 225 करीब 1.20% ऊपर रहा, जबकि Hang Seng में 0.91% की तेजी दर्ज हुई। South Korea के KOSPI में 5.57% का जबरदस्त उछाल आया। अमेरिकी बाजारों में भी S&P 500 और Nasdaq पिछले सत्र में बढ़त के साथ रहे। इस सकारात्मक माहौल का असर भारतीय बाजार की शुरुआत और पूरे दिन के सेंटीमेंट पर दिखाई दिया।
Nifty के 40 शेयर चढ़े
Nifty के 50 में से 40 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि सिर्फ 10 शेयरों में गिरावट रही। यही आज के बाजार की सबसे बड़ी ताकत रही। Nifty 100 में 0.59%, Nifty 200 में 0.56% और Nifty 500 में 0.54% की बढ़त दर्ज हुई। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी बनी रही। Nifty Smallcap 100 0.68% चढ़ा, जबकि Midcap 100 में 0.41% की तेजी रही। यानी बाजार की तेजी कुछ बड़े शेयरों की वजह से नहीं, बल्कि व्यापक खरीदारी से बनी।
बाजार में डर घटा
बाजार की तेजी को सबसे बड़ा सपोर्ट India VIX से मिला। VIX 6.57% टूटकर 10.58 पर आ गया। यह बताता है कि निवेशकों के बीच निकट अवधि में घबराहट कम हुई है। कम VIX और मजबूत Advance-Decline Ratio अक्सर बाजार में भरोसे की वापसी का संकेत देते हैं। वहीं,
सेक्टोरल प्रदर्शन भी तेजी के पक्ष में रहा। Media Index 2.13% और Realty 1.41% चढ़े। Private Bank में 0.89%, Financial Services में 0.73%, FMCG में 0.82% और IT में 0.79% की तेजी रही।
रुपये में सुधार से भी मिला सहारा
भारतीय रुपये ने तीन दिनों की लगातार गिरावट का सिलसिला तोड़ा। डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से एशियाई मुद्राओं को सहारा मिला। गुरुवार को डॉलर-रुपया करीब 95.71 के स्तर पर रहा। HDFC Securities के Senior Research Analyst Dilip Parmar के मुताबिक रुपये में अब कुछ समय तक स्थिरता देखने को मिल सकती है। उन्होंने 95.55 को सपोर्ट और 96.10 को अहम रेजिस्टेंस बताया है। रुपये की स्थिरता बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
Crude Oil बढ़ा रहा टेंशन
बाजार की तेजी के बीच कच्चा तेल सबसे बड़ा जोखिम बनकर उभरा है। Brent Crude 2.52% बढ़कर 93.93 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि Crude Oil 2.69% चढ़कर 86.66 डॉलर पर रहा। भारत के लिए महंगा तेल आयात बिल और महंगाई दोनों पर दबाव बढ़ा सकता है। इसलिए बाजार की मौजूदा तेजी के सामने आगे सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि कच्चे तेल की कीमतें किस स्तर पर टिकती हैं।
