बिजनेस

SEBI ने बदले F&O और मार्केट क्लोजिंग के नियम, जानें अब कितने बजे बंद होगा शेयर बाजार?

शेयर बाजार के नियामक सेबी ने फ्यूचर एंड ऑप्शन के साथ ही क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के नियमों की समीक्षा के बाद कुछ बदलाव किए हैं। इन बदलावों की वजह से इंडेक्स F&O की क्लोजिंग के नियम बदले हैं।

Image

बाजार नियामक ने समीक्षा के बाद बदले नियम

SEBI New Rules for Stock Market Closing and F&O Settlement: शेयर बाजार में कारोबार करने वाले निवेशकों और Futures & Options (F&O) ट्रेडर्स के लिए अहम खबर है। मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (Closing Auction Session-CAS), ट्रेडिंग टाइमिंग और डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स के सेटलमेंट नियमों में बदलाव किया है।

नए नियमों के तहत नियमित कैश मार्केट ट्रेडिंग 3:30 PM तक समाप्त होगी, जबकि क्लोजिंग ऑक्शन सेशन 3:30 PM से 3:40 PM तक चलेगा। इसके अलावा, F&O कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी पर सेटलमेंट प्राइस तय करने का तरीका भी बदलेगा। इन बदलावों को 7 दिसंबर, 2026 से चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। कुछ ऑर्डर ट्रांजिशन से जुड़े प्रावधान 8 फरवरी 2027 से लागू होंगे।

अब कितने बजे बंद होगा शेयर बाजार?

SEBI के नए नियमों के मुताबिक, शेयर बाजार में नियमित कैश सेगमेंट ट्रेडिंग दोपहर 3:30 बजे तक होगी। इसके बाद शेयरों की क्लोजिंग प्राइस तय करने के लिए 10 मिनट का क्लोजिंग ऑक्शन सेशन चलेगा। यह सेशन 3:30 बजे शुरू होकर 3:40 बजे तक समाप्त होगा।

पहले CAS का समय दोपहर 3:15 बजे से 3:35 बजे तक था। अब इसके समय और प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। हालांकि, निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि नियमित ट्रेडिंग खत्म होने, क्लोजिंग प्राइस तय होने और पोस्ट-क्लोज सेशन के समय अलग-अलग हैं।

कैश सेगमेंट में पोस्ट-क्लोज सेशन शाम 3:50 बजे से 4 बजे तक चलेगा। इस दौरान होने वाले सौदे संबंधित सिक्योरिटीज की तय क्लोजिंग प्राइस पर निष्पादित होंगे।

F&O ट्रेडर्स के लिए क्या बदला?

SEBI ने इंडेक्स और स्टॉक डेरिवेटिव्स की ट्रेडिंग टाइमिंग को भी स्पष्ट किया है। सामान्य कारोबारी दिनों में इंडेक्स डेरिवेटिव्स और स्टॉक डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग दोपहर 3:45 बजे तक जारी रहेगी।

लेकिन एक्सपायरी वाले दिन इंडेक्स डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स की ट्रेडिंग दोपहर 3:30 बजे समाप्त हो जाएगी। वहीं, स्टॉक डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग एक्सपायरी वाले दिन भी 3:45 बजे तक जारी रहेगी।

एक्सपायरी डे सेटलमेंट प्राइस का तरीका बदला

नए नियमों में सबसे अहम बदलाव डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स के एक्सपायरी सेटलमेंट प्राइस को लेकर है। SEBI ने इसके लिए पिछले 30 मिनट की लगातार ट्रेडिंग के Volume Weighted Average Price (VWAP) तरीके को बरकरार रखा है।

VWAP ऐसी औसत कीमत है, जिसकी गणना ट्रेडिंग वॉल्यूम को ध्यान में रखकर की जाती है। इसका इस्तेमाल यह समझने में मदद करता है कि किसी शेयर में वास्तव में हुए कारोबार के हिसाब से औसत कीमत क्या रही। नए फ्रेमवर्क के तहत तीन बड़े बदलाव हुए हैं।

  1. इंडेक्स डेरिवेटिव्स: इंडेक्स में शामिल शेयरों के पिछले 30 मिनट के VWAP के आधार पर संबंधित इंडेक्स वैल्यू निकाली जाएगी।
  2. स्टॉक डेरिवेटिव्स: संबंधित शेयर के पिछले 30 मिनट के VWAP के आधार पर सेटलमेंट प्राइस तय होगा।
  3. रियल-टाइम इंडिकेटिव वैल्यू: एक्सचेंज आखिरी 30 मिनट के दौरान इंडेक्स की अनुमानित वैल्यू भी जारी करेंगे, जिससे ट्रेडर्स संभावित सेटलमेंट प्राइस पर नजर रख सकेंगे।
इस तरह एक्सपायरी के सेटलमेंट प्राइस का निर्धारण क्लोजिंग ऑक्शन में बने एक अंतिम भाव पर निर्भर रहने के बजाय निर्धारित VWAP प्रक्रिया के आधार पर होगा।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में क्या होगा बदलाव?

CAS को शेयरों की क्लोजिंग प्राइस की बेहतर खोज और बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। लेकिन इस व्यवस्था के लागू होने के बाद कुछ कारोबारी सत्रों में इंडेक्स और शेयरों की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसके बाद SEBI ने बाजार के प्रतिभागियों से सुझाव मांगे और नियमों की समीक्षा की। नई व्यवस्था के तहत CAS की प्रक्रिया को अलग-अलग चरणों में बांटा गया है।

समयप्रक्रिया
3:30 PM से 3:31 PMरेफरेंस प्राइस की गणना और CAS में बदलाव
3:31 PM से 3:36 PMलिमिट और मार्केट, दोनों तरह के ऑर्डर की अनुमति
3:36 PM के बादकेवल लिमिट ऑर्डर लगाने की अनुमति
3:38 PM से 3:40 PM के बीचक्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) रैंडम समय पर समाप्त होगा

कब से लागू होंगे नए नियम?

SEBI के नए नियम दो चरणों में लागू होंगे। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन की नई टाइमिंग, डेरिवेटिव्स सेटलमेंट पद्धति और अन्य प्रमुख बदलावों की प्रभावी तारीख 7 दिसंबर 2026 है। वहीं, लगातार ट्रेडिंग से बचे हुए योग्य लिमिट और आइसबर्ग ऑर्डर को CAS में ट्रांसफर करने से जुड़े कुछ प्रावधान 8 फरवरी, 2027 से लागू होंगे।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

और पढ़ें
End of Article