बिजनेस

SBI ने लोन महंगा किया, आज से बदलीं MCLR दरें, चेक करें नई ब्याज दरें

भारतीय स्टेट बैंक ने लोन महंगा कर दिया है। रेपो रेट बढ़ोतरी के बाद बैंक ने यह फैसला किया है।

Image

भारतीय स्टेट बैंक

देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने लोन महंगा कर दिया है। RBI के रेपो रेट बढ़ोतरी के बाद आज बैंक ने खास अवधियों के लिए अपनी 'एक्सटर्नल बेंचमार्क-लिंक्ड रेट्स' (EBLR), 'रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट' (RLLR) और 'मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट' (MCLR) में बढ़ोतरी की है। SBI से कर्ज लेने वालों के लिए, ब्याज दरों में बढ़ोतरी का मतलब है कि उन्हें अपने लोन की मासिक किस्तों (EMI) के लिए अधिक भुगतान करना होगा, क्योंकि इन बेंचमार्क से जुड़े लोन पर भी ब्याज दरें बढ़ जाएंगी।

कहां कितनी बढ़ी ब्याज दरें

अवधिपुरानी MCLR दरनई MCLR दर
ओवरनाइट (एक दिन)7.85%7.85%
एक महीना7.85%7.85%
तीन महीने8.25%8.40%
छह महीने8.60%8.75%
एक साल8.70%8.85%
दो साल8.75%8.90%
तीन साल8.80%8.95%

SBI ने EBLR और RLLR में बढ़ोतरी की

बैंक ने अपनी 'एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड लेंडिंग रेट' (EBLR) और 'रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट' (RLLR) को संशोधित किया है, जो 15 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी। EBLR को 7.90% + CRP + BSP से बढ़ाकर 8.15% + CRP + BSP कर दिया गया है, जबकि RLLR को 7.50% + CRP से बढ़ाकर 7.75% + CRP कर दिया गया है। 'बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट' (BPLR) 15 सितंबर 2026 से 14.65% प्रति वर्ष है।

होम और कार लोन की बढ़ी ईएमआई

SBI होम लोन वेबसाइट के अनुसार, “बेंचमार्क रेट (रेपो रेट) में बदलाव होने पर, घर या घर से जुड़े लोन अकाउंट में ब्याज दर में भी बदलाव होगा। रेपो रेट में बढ़ोतरी से ब्याज दर में बढ़ोतरी होगी।” इसके साथ ही कार लोन भी महंगा होगा। ब्याज दर में बढ़ोतरी का यह बोझ नए और पुराने ग्राहकों पर होगा। यानी पुराने ग्राहकों की लोन की ईएमआई बढ़ेगी। वहीं नए ग्राहक को ज्यादा ईमआई देनी होगी। यानी बोझ बढ़ गया है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

और पढ़ें
End of Article