Higher EPS pension Calculation : श्रम मंत्रालय ने हायर ईपीएस पेंशन (Higher EPS pension) पर एक नया बयान जारी किया है, जिसके मुताबिक उच्च वेतन (Higher Wages) पर पेंशन की कैलकुलेशन के दौरान प्रोविडेंट फंड (PF) में एंप्लॉयर्स के कुल 12 फीसदी योगदान में से अतिरिक्त 1.16 फीसदी लिया जाएगा।
उच्च पेंशन पर श्रम मंत्रालय का बड़ा बयान
ऐसा सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के 4 नवंबर 2022 के निर्देश के तहत किया जाएगा। इस कदम से कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) सब्सक्रिप्शन लेने वाले कर्मचारियों पर बोझ कम होगा।
एंप्लॉयर्स पर भी नहीं पड़ेगा बोझ
श्रम मंत्रालय ने कहा है कि EPF & MP Act और सामाजिक सुरक्षा संहिता की स्पिरिट में कर्मचारियों से पेंशन फंड में योगदान कराने का आइडिया नहीं है। इसीलिए पेंशन फंड के लिए EPF & MP Act और सामाजिक सुरक्षा संहिता एंप्लोयर्स के कुल 12 फीसदी योगदान में से अतिरिक्त 1.16 फीसदी लेने का फैसला किया गया है।
यानी एंप्लॉयर या कंपनी अपने योगदान में से थोड़ा एक्स्ट्रा पैसा कर्मचारियों के पेंशन फंड में देगी। पर ये 12 फीसदी योगदान में से ही होगा। कंपनी अलग से कोई पैसा नहीं देगी।
15000 से अधिक सैलेरी पर नियम
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने, उच्च वेतन पर पेंशन पर दिए गए अपने आदेश में, 15000 रु से अधिक सैलेरी वाले मेंबर्स को उनके वेतन का 1.16 फीसदी एडिश्नल योगदान ईपीएस में करने की आवश्यकता बताई थी। साथ ही अधिकारियों को छह महीने में इस योजना में जरूरी एडजस्टमेंट करने का निर्देश दिया था।
26 जून तक मिला मौका
इस बीच रिटायरमेंट फंड बॉडी ईपीएफओ ने उच्च पेंशन के लिए अप्लाई करने की डेडलाइन 26 जून तक बढ़ा दी। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन में कहा कि समय बढ़ाने के लिए कई स्टेकहोल्डर्स की तरफ से सिफारिशें मिली हैं।
इस मामले पर विचार किया गया डेडलाइन को 26 जून, 2023 तक बढ़ा दिया गया है। पहले उच्च पेंशन के लिए अप्लाई करने की डेडलाइन 3 मई थी। अभी तक हायर पेंशन के लिए लाखों लोग अप्लाई कर चुके हैं।
