USDINR Today 27 March: अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव भारत के लिए महंगा पड़ रहा है। एक तरफ क्रूड महंगा हो रहा है, साथ ही डॉलर के मुकाबले के रुपये की कीमत भी घट रही है। इस तरह से फिलहाल रुपया क्रूड और डॉलर के डबल प्रेशर में फंसा हुआ है। शुक्रवार को रुपया 33 पैसे टूटकर 94.31 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। स्पॉट के साथ-साथ फ्यूचर्स मार्केट में भी कमजोरी साफ दिख रही है, जो आगे और दबाव के संकेत दे रही है। स्पॉट मार्केट में रुपया रिकॉर्ड लो पर है, जबकि फ्यूचर्स मार्केट में सभी एक्सपायरी में प्रीमियम दिख रहा है। नियर मंथ में तेज उछाल शॉर्ट टर्म घबराहट का संकेत देता है, जबकि अप्रैल और मई कॉन्ट्रैक्ट यह दिखाते हैं कि बाजार आगे भी कमजोरी की आशंका जता रहा है।
डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट जारी
स्पॉट मार्केट में रिकॉर्ड लो पर
शुक्रवार को रुपया 33 पैसे टूटकर 94.3 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। दिन के दौरान यह 94.31 के हाई तक गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। पिछले बंद 93.98 के मुकाबले यह तेज गिरावट बताती है कि बाजार में डॉलर की मांग तेजी से बढ़ी है।
| इंस्ट्रूमेंट | एक्सपायरी | ओपन | लो | हाई | लास्ट/क्लोज | प्रीव. क्लोज | बदलाव |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| USD/INR (Spot) | स्पॉट | 94.15 | 94.31 | 94.15 | 94.26 | 93.9800 | -0.2875 |
| USDINR Futures | 27 Mar 2026 | 94.00 | 94.82 | 94.00 | 94.82 | 93.3800 | -1.4400 |
| USDINR Futures | 28 Apr 2026 | 94.29 | 94.57 | 94.29 | 94.52 | 94.2925 | -0.2275 |
| USDINR Futures | 26 May 2026 | 94.55 | 94.74 | 94.55 | 94.70 | 94.4650 | -0.2375 |
फ्यूचर्स मार्केट में भी कमजोरी
करेंसी फ्यूचर्स में भी रुपया दबाव में दिख रहा है। अप्रैल एक्सपायरी वाला USDINR कॉन्ट्रैक्ट 94.52 पर और नियर मंथ कॉन्ट्रैक्ट 94.82 तक पहुंच गया। ऊंचे वॉल्यूम के साथ यह तेजी संकेत देती है कि बाजार आने वाले समय में भी रुपये की कमजोरी को प्राइस कर रहा है।
क्रूड 107 डॉलर के पास
ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है और टेक्निकल संकेत “Very Bullish” हैं। भारत अपनी करीब 88 प्रतिशत तेल जरूरत आयात करता है, ऐसे में महंगा क्रूड सीधे आयात बिल और चालू खाता घाटा बढ़ाता है। यही रुपये पर सबसे बड़ा दबाव बना रहा है।
डॉलर इंडेक्स मजबूत
डॉलर इंडेक्स 99.83 के स्तर पर है। भले इसमें हल्की गिरावट आई हो, लेकिन यह अभी भी मजबूत बना हुआ है। इससे उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बना रहता है और रुपया भी इससे अछूता नहीं है।
| इंस्ट्रूमेंट | LTP | बदलाव | % बदलाव | हाई | लो | ओपन | प्रीव. क्लोज |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| Brent Crude | 107.29 | -0.72 | -0.67% | 107.35 | 105.53 | 106.29 | 108.01 |
| Crude Oil (WTI) | 93.72 | -0.76 | -0.80% | 94.20 | 92.08 | 93.22 | 94.48 |
| Gold | 4,439.90 | +59.94 | +1.37% | 4,459.00 | 4,375.52 | 4,404.88 | 4,379.96 |
| Dollar Index | 99.83 | -0.11 | -0.11% | 99.96 | 99.81 | 99.90 | 99.93 |
गोल्ड में तेजी
गोल्ड 1 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 4,439 डॉलर के करीब पहुंच गया है। यह संकेत देता है कि निवेशक अनिश्चितता के माहौल में सुरक्षित निवेश की ओर शिफ्ट हो रहे हैं, जिससे जोखिम वाली एसेट्स और करेंसी पर दबाव बढ़ता है।
RBI की नजर
अब बाजार की नजर Reserve Bank of India पर है। पिछले सत्र में केंद्रीय बैंक ने हस्तक्षेप कर रुपये को संभालने की कोशिश की थी। अगर गिरावट तेज होती है, तो आगे भी डॉलर बेचकर सपोर्ट दिया जा सकता है।
क्या आगे और गिरेगा रुपया
स्पॉट, फ्यूचर्स और कमोडिटी तीनों संकेत दे रहे हैं कि रुपये की कमजोरी अभी खत्म नहीं हुई है। जब तक क्रूड कीमतों में गिरावट और वैश्विक तनाव में कमी नहीं आती, तब तक करेंसी मार्केट में उतार-चढ़ाव और दबाव दोनों बने रहेंगे।
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