Gold-Silver Price Hike: राजस्थान से कांग्रेस सांसद नीरज डांगी (Neeraj Dangi) ने राज्यसभा में सरकार से पूछा कि देश में सोना और चांदी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे खासकर ग्रामीण इलाकों में परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भारी असर पड़ रहा है। पिछले 13 महीनों में चांदी की कीमतों में 306% और सोने की कीमतों में 111% की वृद्धि दर्ज की गई है। इस तेजी ने न सिर्फ आम लोगों की बचत को प्रभावित किया है, बल्कि महिलाओं और विवाह योग्य लड़कियों वाले परिवारों के लिए यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
सोना-चांदी की बढ़ती कीमतें ग्रामीण महिलाओं और परिवारों के लिए बनी मुश्किल (तस्वीर-संसद टीवी)
ग्रामीण परिवारों की मुश्किलें बढ़ीं
सांसद ने कहा कि ग्रामीण भारत में सोना और चांदी सिर्फ आभूषण नहीं हैं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, आत्मसम्मान और पारिवारिक भविष्य से जुड़े अहम प्रतीक माने जाते हैं। लेकिन इनकी बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों की कमर तोड़ दी है। छोटे किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग के परिवार अब अपनी बेटियों के लिए न्यूनतम आभूषण भी नहीं खरीद पा रहे हैं। इस वजह से विवाह योग्य लड़कियों वाले परिवार आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।
सरकार की नीतियों पर सवाल
विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति के पीछे सरकार की नीतियां भी जिम्मेदार हैं। सोने और चांदी पर उच्च GST और आयात शुल्क, और जमाखोरों पर कड़ी कार्रवाई ना करना, आम लोगों की बचत को प्रभावित कर रहा है। दूसरी ओर, सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है, लेकिन आर्थिक अस्थिरता के कारण महिला और परिवारों की बचत का मूल्य कम होता जा रहा है।
छोटे कारोबारी और सुनार भी परेशान
उनका कहना है कि बढ़ती कीमतों से केवल आम लोग ही नहीं, बल्कि छोटे सुनार और आभूषण व्यवसायी भी प्रभावित हो रहे हैं। उनकी बिक्री घट रही है, जिससे रोजगार पर संकट गहरा रहा है। छोटे व्यवसायियों का कहना है कि अगर सरकार समय पर हस्तक्षेप नहीं करती है, तो इससे पूरे आभूषण उद्योग और उससे जुड़े कई रोजगारों पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
हस्तक्षेप करे सरकार
विशेषज्ञ और सामाजिक संगठनों की मांग है कि सरकार सोने और चांदी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए तुरंत कदम उठाए। इसके लिए GST में कटौती, आयात शुल्क में संशोधन और जमाखोरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूरी है। उनका कहना है कि यह सिर्फ आर्थिक कदम नहीं, बल्कि महिलाओं और परिवारों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा मामला भी है।
सोने और चांदी की बढ़ती कीमतें केवल आभूषणों की नहीं, बल्कि आम लोगों की जीवनशैली और सामाजिक संरचना को भी प्रभावित कर रही हैं। यदि सरकार तुरंत कदम नहीं उठाती है, तो ग्रामीण परिवारों की परेशानियां बढ़ती रहेंगी और छोटे कारोबारी उद्योग से बाहर होने पर मजबूर होंगे। इस समय नीति निर्माता यदि सही हस्तक्षेप करते हैं, तो महिलाओं और परिवारों की बचत और सम्मान को बचाया जा सकता है।
