Financial Planning Age Guide: हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी कमाई का सही इस्तेमाल हो, भविष्य के लिए पैसा जमा हो और जरूरत पड़ने पर किसी दूसरे पर निर्भर न रहना पड़े। इन सभी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग यानी वित्तीय योजना बनाना जरूरी है। आसान भाषा में समझें तो फाइनेंशियल प्लानिंग का मतलब अपनी कमाई, खर्च, बचत, निवेश और भविष्य के आर्थिक लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए पैसों की एक व्यवस्थित योजना बनाना है।
क्या होती है Financial Planning (Photo: iStock)
किस उम्र में शुरू करें फाइनेंशियल प्लानिंग
फाइनेंशियल प्लानिंग शुरू करने की कोई तय उम्र नहीं होती। जैसे ही कमाई शुरू हो, उसी समय से फाइनेंशियल प्लानिंग की शुरुआत करना बेहतर माना जाता है। कम उम्र में शुरुआत करने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि निवेश को लंबे समय तक बढ़ने का समय मिलता है। हालांकि, हर उम्र में वित्तीय योजना की प्राथमिकताएं अलग हो सकती हैं।
20 की उम्र में किन गलतियों से बचें?
20 की उम्र में नौकरी या कमाई शुरू करने वाले लोगों की सबसे बड़ी गलती होती है कि वे बचत को टालते रहते हैं। इस उम्र में पूरी कमाई खर्च करने के बजाय बजट बनाना चाहिए और नियमित रूप से कुछ रकम बचाने की आदत डालनी चाहिए। इमरजेंसी फंड बनाना और जरूरत के हिसाब से बीमा लेना भी जरूरी है। बिना सोचे-समझे क्रेडिट कार्ड या लोन लेकर महंगी चीजें खरीदने से बचना चाहिए। साथ ही निवेश शुरू करने के लिए बहुत ज्यादा रकम का इंतजार करने की जरूरत नहीं है।
30 की उम्र में न करें ये गलतियां
30 की उम्र तक आमतौर पर कमाई बढ़ने लगती है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ती हैं। इस उम्र में लाइफस्टाइल बढ़ने के साथ बचत कम कर देना एक बड़ी गलती हो सकती है। घर, शादी या बच्चों जैसे बड़े लक्ष्यों के लिए अलग से वित्तीय योजना बनानी चाहिए। SIP, FD या दूसरे निवेश विकल्पों में अपनी जरूरत और जोखिम क्षमता के अनुसार निवेश किया जा सकता है। इसके अलावा बढ़ते कर्ज को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चुकाने की कोशिश करनी चाहिए।
40 की उम्र में क्या ध्यान रखें?
40 की उम्र में रिटायरमेंट प्लानिंग को नजरअंदाज करना सही नहीं है। केवल बचत खाते में पैसा रखने के बजाय अपने निवेश की समीक्षा करनी चाहिए। इस उम्र में बच्चों की पढ़ाई, घर, माता-पिता की जरूरत और रिटायरमेंट जैसे कई लक्ष्य एक साथ हो सकते हैं। इसलिए सभी लक्ष्यों के लिए अलग-अलग प्राथमिकता तय करना जरूरी है। बहुत ज्यादा जोखिम वाले निवेश में बिना जानकारी के बड़ी रकम लगाने से भी बचना चाहिए।
सबसे जरूरी बात यह है कि फाइनेंशियल प्लानिंग केवल ज्यादा पैसा कमाने का नाम नहीं है। इसका उद्देश्य कमाई का सही इस्तेमाल करना, बेफिजूल खर्च को कंट्रोल करना, भविष्य के लिए निवेश करना और आर्थिक रूप से सुरक्षित रहना है।
