बिजनेस

इस हफ्ते कैसे रहेगी शेयर बाजार की चाल? जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO और कंपनियों के तिमाही नतीजे तय करेंगे दिशा

इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल जियो प्लेटफॉर्म्स के मेगा आईपीओ, कंपनियों के तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों के रुख से तय होगी।

Image

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ, कच्चे तेल के दाम तय करेंगे शेयर बाजार की चाल

Photo : iStock

आने वाले सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार की चाल मुख्य रूप से जियो प्लेटफॉर्म्स के मेगा आईपीओ, कंपनियों के तिमाही नतीजों और कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों पर निर्भर करेगी। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों का रुख, पश्चिम एशिया के हालात और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। त्योहारी सीजन के बीच बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को इस हफ्ते काफी सतर्क रहकर ट्रेडिंग करने की जरूरत है। आपको बता दें कि मंगलवार को ’दशहरा’ के पावन अवसर पर शेयर बाजार में कारोबार बंद रहेगा।

जियो प्लेटफॉर्म्स का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ

इस हफ्ते निवेशकों की सबसे बड़ी नजर रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम यूनिट-जियो प्लेटफॉर्म्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) पर रहेगी। यह आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। कंपनी ने इसके लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। इस निर्गम के जरिए ऊपरी मूल्य पर लगभग 30,213 करोड़ रुपये जुटाए जाने की उम्मीद है। यह देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है। इसके तहत 10 रुपये के अंकित मूल्य वाले अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे।

कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी पैनी नजर

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों का सीजन अब अपने चरम पर पहुंच रहा है, जिससे शेयर और सेक्टर विशेष में काफी हलचल देखने को मिलेगी। इस हफ्ते बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, हिंदुस्तान जिंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इरेडा, इन्फोसिस, कोफोर्ज, क्रिसिल और स्विगी जैसी दिग्गज कंपनियां अपने तिमाही नतीजे घोषित करेंगी। जानकारों का कहना है कि इन परिणामों से यह साफ होगा कि देश की प्रमुख कंपनियों का प्रदर्शन कैसा रहा है।

बैंकिंग शेयरों में रहेगी विशेष हलचल

हाल ही में देश के बड़े निजी बैंकों एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक ने अपने शानदार तिमाही नतीजे पेश किए हैं। एचडीएफसी बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ सितंबर तिमाही में 5.55 प्रतिशत बढ़कर 20,700 करोड़ रुपये रहा। वहीं, आईसीआईसीआई बैंक का मुनाफा 22.28 प्रतिशत उछलकर 16,333.18 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके अलावा, एक्सिस बैंक का शुद्ध लाभ भी 39.4 प्रतिशत की जोरदार तेजी के साथ 7,704.67 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इन मजबूत आंकड़ों के बाद इस हफ्ते बैंकिंग शेयरों में निवेशकों की भारी दिलचस्पी बनी रहने की पूरी उम्मीद है।

बाजार के लिए चुनौतियां और ग्लोबल फैक्टर

ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स और ब्रोकरेज फर्म्स के विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले दो हफ्तों से बाजार में लगातार तेजी का रुख है और आईटी सेक्टर में भी अच्छा सुधार देखा गया है। हालांकि, इस बढ़त को बनाए रखना बाजार के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक बॉण्ड बाजार में उतार-चढ़ाव और सीमित शेयरों में आ रही तेजी निवेशकों को सतर्क रहने का संदेश दे रही है। बाजार यह भी देखेगा कि हालिया तेजी सिर्फ आईटी शेयरों तक सीमित है या इसका दायरा अन्य क्षेत्रों तक फैलेगा।

विदेशी निवेशकों और वैश्विक संकेतों का असर

वैश्विक मोर्चे पर अमेरिकी बॉण्ड प्रतिफल (बॉण्ड यील्ड), कच्चे तेल के दाम और पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर निवेशकों की बारीक नजर रहेगी। इन सभी ग्लोबल कारणों का सीधा असर आयातित महंगाई, रुपये की विनिमय दर और कंपनियों के मुनाफे पर पड़ता है। इसके अलावा, बाजार की मौजूदा तेजी की ताकत को आंकने के लिए विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की गतिविधियों और मुद्रा बाजार के रुझानों को भी बेहद बारीकी से परखा जाएगा।

गौरलतब है कि पिछले सप्ताह शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 2,256.94 अंक यानी 3.11 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ था, जबकि एनएसई निफ्टी में भी 625.7 अंक यानी 2.77 प्रतिशत की शानदार बढ़त दर्ज की गई थी। अब देखना यह होगा कि इस हफ्ते के घरेलू और वैश्विक ट्रिगर इस तेजी को आगे बढ़ाते हैं या बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिलती है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article