आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने के बाद 'FD लेडरिंग' फॉर्मूला, समझें बेहतर रिटर्न का पूरा गणित

आरबीआई द्वारा रेपो रेट बढ़ाने के बाद बैंक एफडी की दरें बढ़ा सकते हैं। ऐसे में जोखिम से बचने और बेहतर रिटर्न पाने के लिए अलग-अलग अवधि की एफडी (FD लेडरिंग) में बांटकर निवेश करना फायदेमन्द है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट को 5.25% से बढ़ाकर 5.50% कर दिया गया है। इसके साथ ही खुदरा महंगाई दर भी 4.84% पर पहुंच गई है। इन आर्थिक बदलावों के बीच आने वाले दिनों में बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। जो निवेशक लंबे समय से कम ब्याज दरों के कारण परेशान थे, उनके लिए यह अपनी बचत पर ज्यादा रिटर्न पाने का एक शानदार मौका है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या पूरा पैसा एक ही बार में FD में लगा देना सही फैसला होगा? अगर आने वाले महीनों में बैंकों ने ब्याज दरें और बढ़ा दीं, तो आपको नुकसान हो सकता है। इसी जोखिम से बचने के लिए एक्सपर्ट्स 'FD लेडरिंग Strategy' (FD Laddering Strategy) अपनाने की सलाह देते हैं। आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि यह रणनीति कैसे काम करती है और 10 लाख रुपये के निवेश से आप इसका फायदा कैसे उठा सकते हैं।

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RBI के फैसले के बाद 10 लाख रुपये पर पाएं बंपर ब्याज!

क्या है FD लेडरिंग और यह कैसे काम करती है?

आसान शब्दों में कहें तो FD लेडरिंग का मतलब है अपना सारा पैसा एक ही FD में लगाने के बजाय उसे अलग-अलग मैच्योरिटी अवधि वाली multiple FDs में बांट देना। जैसे-जैसे आपकी पहली FD मैच्योर (पूरी) होती है, आप उस पैसे को फिर से सबसे लंबी अवधि और उस समय की सबसे ऊंची ब्याज दर वाली नई FD में जमा कर देते हैं। यही प्रक्रिया हर अगली मैच्योरिटी पर दोहराई जाती है। इस चक्र से आपको दो बड़े फायदे मिलते हैं:-

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