Post Office MIS vs Bank FD : सुरक्षित निवेश और हर महीने तय आमदनी (Monthly Income) की तलाश करने वाले निवेशकों के लिए फिक्स्ड इनकम ऑप्शन हमेशा से पसंदीदा रहे हैं। मौजूदा समय में शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए कई निवेशक अपने पैसे को बाजार जोखिम से दूर रखना पसंद कर रहे हैं। अगर आप जोखिम मुक्त तरीके से नियमित आय का जरिया बनाना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की 'मंथली इनकम स्कीम' (POMIS) और बैंकों की 'फिक्स्ड डिपॉजिट' (Bank FD) दो सबसे लोकप्रिय विकल्प हैं। आइए समझें कि निवेश पर किस विकल्प से आपको हर महीने ज्यादा फायदा मिलेगा।
ब्याज दर और मंथली इनकम का पूरा गणित
अगर आप पोस्ट ऑफिस MIS में 9 लाख रुपये का निवेश करते हैं, तो सरकार की ओर से फिलहाल 7.4% सालाना ब्याज दर दी जा रही है। इस दर के हिसाब से आपको हर महीने टैक्स कटने से पहले 5,550 रुपये की नियमित आय मिलेगी। इसका मतलब है कि एक साल में आपकी कुल ब्याज आय 66,600 रुपये होगी। दूसरी तरफ अगर किसी बैंक की सामान्य FD में 9 लाख रुपये जमा किए जाएं, जहां मान लीजिए कि ब्याज दर 6.5% सालाना है, तो आपको हर महीने करीब 4,875 रुपये का ब्याज (टैक्स से पहले) मिलेगा। इस हिसाब से बैंक FD से आपकी सालाना ब्याज आय 58,500 रुपये होगी। इन दोनों की तुलना करें तो पोस्ट ऑफिस MIS आपको बैंक FD (6.5% दर पर) की तुलना में हर महीने ₹675 अधिक यानी साल भर में ₹8,100 की अतिरिक्त कमाई देता है।
पोस्ट ऑफिस MIS के नियम और शर्तें जानना जरूरी
पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में पैसा जमा करने की अवधि (Tenure) 5 साल तय होती है। परिपक्वता (Maturity) पूरी होने पर आपका पूरा मूलधन (Principal) वापस मिल जाता है। इस योजना के तहत सिंगल अकाउंट में अधिकतम 9 लाख रुपये और जॉइंट अकाउंट में अधिकतम 15 लाख रुपये तक ही जमा किए जा सकते हैं। अग आपको बीच में ही पैसों की सख्त जरूरत पड़ जाए, तो 1 साल पूरा होने के बाद प्री-मैच्योर क्लोजर (समय से पहले खाता बंद) की अनुमति मिलती है। हालांकि, इसके लिए पेनल्टी देनी होती है:
- 1 से 3 साल के भीतर बंद करने पर: मूलधन का 2% काटा जाता है।
- 3 से 5 साल के बीच बंद करने पर: मूलधन का 1% काटा जाता है।
बैंक FD के अपने फायदे और सीनियर सिटिजन के लिए विकल्प
हालांकि, उदाहरण में बैंक FD की दर 6.5% ली गई है, लेकिन यह कोई फिक्स्ड दर नहीं है। अलग-अलग बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंकों और अलग-अलग समयावधि (Tenure) के हिसाब से ब्याज दरों में काफी अंतर होता है। बैंक FD में आपको अपनी पसंद के अनुसार 1 साल, 3 साल या 5 साल की अवधि चुनने की आजादी मिलती है। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए बैंक विशेष रूप से अधिक ब्याज दरें प्रदान करते हैं। कई स्मॉल फाइनेंस बैंक और प्रमुख प्राइवेट बैंक सीनियर सिटिजन्स को 8% या उससे भी ज्यादा की दर से ब्याज दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में, बैंक FD भी काफी आकर्षक साबित हो सकती है।
आपके लिए कौन सा विकल्प है बेहतर?
अगर आप 5 साल की अवधि के लिए निश्चित और आसान तरीके से हर महीने गारंटीड आय चाहते हैं, तो 7.4% ब्याज दर के साथ पोस्ट ऑफिस MIS एक शानदार विकल्प है। यह उन लोगों के लिए बेहतर है जो किसी प्रकार की झंझट के बिना तय पेंशन जैसी आय चाहते हैं। दूसरी ओर, यदि आपको 5 साल से कम या अलग समयावधि के लिए पैसा लगाना है, या आप वरिष्ठ नागरिक हैं और किसी बैंक में 8% से अधिक ब्याज दर पा रहे हैं, तो बैंक FD चुनना अधिक फायदेमंद हो सकता है। कोई भी फैसला लेने से पहले ब्याज दरों, निकासी के नियमों और टैक्स के प्रावधानों की तुलना अवश्य करें।
