Pension News : केंद्र सरकार 29 दिसंबर को महाराष्ट्र के पुणे शहर में 58वीं सेवानिवृत्ति-पूर्व परामर्श कार्यशाला का आयोजन करने जा रही है। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के जीवन को सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है। सरकार चाहती है कि सेवा निवृत्ति के बाद कर्मचारियों को पेंशन, स्वास्थ्य और अन्य लाभों से जुड़ी किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और वे आत्मविश्वास के साथ अपने नए जीवन की शुरुआत कर सकें।
सेवानिवृत्ति से पहले की स्मार्ट तैयारी: पुणे में पेंशनभोगियों के लिए विशेष परामर्श कार्यशाला (तस्वीर-istock)
प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप सुधार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुसार पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग लगातार पेंशन व्यवस्था में सुधार कर रहा है। पेंशन नीति और प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल प्रमाणपत्र और एकीकृत पोर्टल के माध्यम से पेंशनभोगियों को घर बैठे सुविधाएं मिल रही हैं। इन कदमों से पारदर्शिता बढ़ी है और समय की भी बचत हो रही है।
केंद्रीय मंत्री करेंगे कार्यशाला का उद्घाटन
आईएएनएस के मुताबिक कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय ने बताया कि केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे। उनके नेतृत्व में मंत्रालय पेंशन से जुड़े नियमों को सरल बनाने और जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। यह कार्यशाला इन प्रयासों की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जिससे सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को सही जानकारी एक ही स्थान पर मिल सकेगी।
सेवानिवृत्ति से जुड़ी अहम जानकारियां
कार्यशाला में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए कई उपयोगी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें सेवानिवृत्ति लाभ, सीजीएचएस स्वास्थ्य सेवाएं, निवेश के सुरक्षित तरीके, भविष्य पोर्टल, एकीकृत पेंशनभोगी पोर्टल, पारिवारिक पेंशन, सीपीईएनजीआरएएमएस, अनुभव योजना और डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जैसे विषय शामिल हैं। इन सत्रों का उद्देश्य सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन को सहज बनाना है।
महाराष्ट्र के 350 कर्मचारी होंगे लाभान्वित
अनुमान है कि महाराष्ट्र में तैनात लगभग 350 केंद्रीय कर्मचारी अगले 12 महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ये सभी कर्मचारी इस सेवानिवृत्ति-पूर्व परामर्श कार्यशाला से सीधे लाभान्वित होंगे। उन्हें पेंशन से जुड़े नियम, आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रियाएं पहले से समझ में आ जाएंगी, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पेंशनभोगी जागरूकता कार्यक्रम
विभाग सेवानिवृत्त अधिकारियों के लाभ के लिए पेंशनभोगी जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित करेगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से पेंशन वितरण से जुड़े नियमों, बैंकिंग प्रक्रियाओं और शिकायत निवारण व्यवस्था के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पेंशनभोगी अपने अधिकारों और सुविधाओं से पूरी तरह अवगत रहें।
किंग सेवाओं पर विशेष फोकस
कार्यशाला में सभी पेंशनभोगी संबंधित बैंकिंग सेवाएं प्रतिभागियों को उपलब्ध कराई जाएंगी। बैंक अधिकारी पेंशन खाता खोलने, पेंशन प्राप्त करने और पेंशन निधि को सुरक्षित एवं लाभकारी योजनाओं में निवेश करने के बारे में मार्गदर्शन देंगे। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी और वे बेहतर योजना बना सकेंगे।
अटल पेंशन योजना की बढ़ती पहुंच
इस बीच अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के तहत कुल नामांकन 30 नवंबर 2025 तक 8 करोड़ 45 लाख से अधिक हो गया है। यह योजना गरीबों, वंचितों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है। इसमें 1,000 से 5,000 रुपये तक की न्यूनतम गारंटीकृत मासिक पेंशन का विकल्प है। सरकार और पीएफआरडीए ने बिहार सहित देश के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में इस योजना के प्रचार और पहुंच को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
