36 या 60 पेज का पासपोर्ट चाहिए? 1 जुलाई से पहले कर लें अप्लाई, नहीं तो देने पड़ेंगे ज्यादा पैसे!

केंद्र सरकार ने 14 साल बाद पासपोर्ट फीस बढ़ाने का फैसला किया है। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी नए नियमों के तहत 1 जुलाई 2026 से नया पासपोर्ट बनवाने, रिन्यू कराने और खोए हुए पासपोर्ट की जगह दूसरा आवेदन करना काफी महंगा हो जाएगा।

अगर आप विदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं, नया पासपोर्ट (Passport) बनवाने की सोच रहे हैं या फिर अपने पुराने पासपोर्ट को रिन्यू कराने की तैयारी में हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट और उससे जुड़ी तमाम तरह की डिजिटल और ऑफलाइन सेवाओं की फीस (Passport Fees Hike) में भारी बढ़ोतरी करने का एक बड़ा फैसला लिया है। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी की गई नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएंगी। इसके बाद नया पासपोर्ट जारी कराने से लेकर, री-इश्यू कराने, खोए हुए या खराब हुए पासपोर्ट की जगह दूसरा पासपोर्ट बनवाने के लिए आम जनता को अपनी जेब पहले से कहीं ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। ऐसे में अगर आप इस बढ़ी हुई महंगाई से बचना चाहते हैं, तो आपके पास जून के बचे हुए दिनों में पुराने दामों पर ही आवेदन करने का एक आखिरी शानदार मौका है।

Passport Fees Hike

14 साल बाद बढ़ी फीस

सरकार की ओर से लिया गया यह फैसला इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि केंद्र सरकार ने करीब 14 साल के लंबे अंतराल के बाद पासपोर्ट की फीस संरचना में कोई बदलाव किया है। इससे पहले साल 2012 में पासपोर्ट की फीस बढ़ाई गई थी। विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 जारी करते हुए इस नए शुल्क ढांचे की विस्तृत जानकारी साझा की है। सरकार ने इसके लिए दशकों पुराने 'पासपोर्ट नियम, 1980' के फीस स्ट्रक्चर को पूरी तरह बदलते हुए नए जमाने के हिसाब से अपडेट कर दिया है। नए नियम लागू होने के बाद अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से लोगों को पहले के मुकाबले ₹750 से लेकर ₹4,500 तक का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है।

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