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Gold ETF में आज से नहीं लगा सकेंगे नया पैसा, जानें आपकी मौजूदा SIP का क्या होगा?

अगर आप गोल्ड ईटीएफ में निवेश करते हैं या करने की तैयारी कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। कई म्यूचुअल फंड हाउस ने गोल्ड ईटीएफ में नया निवेश पर रोक लगा दी है।

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गोल्ड ईटीएफ

त्योहारी सीजन के बीच कई म्यूचुअल फंड हाउसों ने सोने से जुड़ी योजनाओं में नए निवेश पर रोक लगा दी है। कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, टाटा म्यूचुअल फंड और ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने नोटिस जारी करके कुछ खास गोल्ड स्कीमों में नए निवेश पर पाबंदी लगा दी है। इन प्रतिबंधों में नए या अतिरिक्त एकमुश्त (लंप-सम) निवेश, स्विच-इन और नए सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) रजिस्ट्रेशन शामिल हैं। इन स्कीमों में नए सिस्टेमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) पर भी रोक लगा दी गई है। आइए समझते हैं कि म्यूचुअल फंड हाउस ने ऐसा क्यों किया है? अगर आप गोल्ड ईटीएफ में निवेश कर रहे हैं तो उस पर इस फैसले का क्या असर होगा?

सोने की मांग घटाने के लिए लगाई गई रोक

जानकारों का कहना है कि देश में बढ़ते सोने की मांग को कम करने के लिए म्यूचुअल फंड हाउस द्वारा यह कदम उठाया गया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किसके कहने पर यह रोक लगाई गई है। बता दें कि गोल्ड फंड ऑफ फंड ( FOF) निवेशकों से पैसे लेते हैं और गोल्ड ETF में लगाते हैं। इसका फायदा यह होता है कि निवेशक बिना सोना खरीदे सोने में निवेश कर लेता है। गोल्ड ईटीएफ में निवेश से सोने की मांग बढ़ती है। वैश्विक अनिश्चतता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही गोल्ड नहीं खरीदने की अपील की थी।

गोल्ड ईटीएफ में SIP करने वालों पर क्या असर?

म्यूचुअल फंड हाउस ने नया निवेश पर रोक लगाई है। इसका मतलब है कि पहले से चली आ रही SIP की किस्तें जारी रहेंगी, लेकिन यह हर फंड हाउस की शर्तों पर निर्भर करेगा। कोटक, टाटा और ICICI प्रूडेंशियल ने कहा है कि लागू होने की तारीख से पहले रजिस्टर की गई किस्तें, लागू नेट एसेट वैल्यू (NAV) के हिसाब से प्रोसेस होती रहेंगी। हालांकि, निवेशक यह मानकर न चलें कि उनकी मौजूदा सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) की सभी सुविधाएं पहले की तरह मिलती रहेंगी। कोटक के नोटिस के अनुसार, वे नए रजिस्ट्रेशन को रोक देंगे, जिसमें "मौजूदा SIP में 'स्टेप-अप' (किस्त राशि बढ़ाना)" भी शामिल है।

क्या निवेशक अपना पैसा निकाल सकते हैं?

टाटा म्यूचुअल फंड ने स्पष्ट रूप से कहा है कि स्कीम की शर्तों के तहत रिडेम्पशन (पैसे निकालना), स्विच-आउट और मौजूदा सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) की अनुमति बनी रहेगी।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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