Supertech Stalled Projects : सुपरटेक लिमिटेड के अटके 16 हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की रफ्तार पर नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLT) ने चिंता जताई है। ट्रिब्यूनल ने प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट NBCC से अब तक हुई प्रगति की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित एपेक्स कोर्ट कमेटी को भी दो हफ्ते के भीतर यह बताने को कहा गया है कि प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। यह मामला करीब 14,000 होमबायर्स के लिए बेहद अहम है, जो लंबे समय से अपने फ्लैट का इंतजार कर रहे हैं। सुपरटेक के ये प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और कर्नाटक में हैं और इनमें कुल करीब 49,748 घर शामिल हैं।
कई साल से घर का इंतजार कर रहे हजारों लोग
निर्माण की टाइमलाइन में देरी पर सवाल
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक NCLT में 25 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान होमबायर्स की ओर से पेश वकील ने प्रोजेक्ट्स की निर्माण योजना में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश के मुताबिक जिस रफ्तार से काम आगे बढ़ना चाहिए था, वह जमीन पर नजर नहीं आ रहा है। इसके बाद NCLT ने एपेक्स कोर्ट कमेटी को निर्देश दिया कि वह दो हफ्ते के भीतर चल रहे प्रोजेक्ट्स को लेकर अब तक उठाए गए कदमों की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे। ट्रिब्यूनल ने NBCC से यह भी पूछा कि निर्माण के लिए ठेके देने की प्रक्रिया में अब तक क्या प्रगति हुई है और छह मई के आदेश का कितना पालन किया गया है।
मई तक देना था ठेका
6 मई, 2026 के आदेश में NCLT ने NBCC को निर्देश दिया था कि वह 31 जुलाई तक निर्माण कार्यों के लिए ठेका देने की प्रक्रिया शुरू करे। इसके बाद एक महीने के भीतर ठेका फाइनल करने और एक अक्टूबर से निर्माण शुरू करने की योजना थी। अब इसी टाइमलाइन को लेकर ट्रिब्यूनल ने NBCC से जवाब मांगा है।
21 महीने बाद भी जमीन पर काम नहीं?
सुपरटेक के इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की जिम्मेदारी NBCC को दिए करीब 21 महीने हो चुके हैं। लेकिन होमबायर्स का कहना है कि अभी तक जमीन पर अपेक्षित निर्माण गतिविधि शुरू नहीं हुई है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट
NCLT के सामने जिन 16 अटके प्रोजेक्ट्स का मामला है, उनमें 6 प्रोजेक्ट ग्रेटर नोएडा में हैं। इनमें स्पोर्ट्स विलेज, इकोविलेज-1, इकोविलेज-2, इकोविलेज-3, यूपी कंट्री और सीजर सुइट्स शामिल हैं। इसके अलावा 4 प्रोजेक्ट नोएडा में हैं। इनमें इकोसिटी, रोमानो, केपटाउन और नॉर्थ आई शामिल हैं। बाकी प्रोजेक्ट्स में दो गुरुग्राम और दो मेरठ में हैं। एक प्रोजेक्ट उत्तराखंड और एक बेंगलुरु में है। इन सभी प्रोजेक्ट्स को 2010 से 2012 के बीच लॉन्च किया गया था। यानी कई होमबायर्स करीब डेढ़ दशक से ज्यादा समय से अपने घर का इंतजार कर रहे हैं।
एक नजर में देखें कहां कितने फ्लैट फंसे
NBCC को कब मिली जिम्मेदारी
12 दिसंबर, 2024 को NCLT ने सुपरटेक के 16 अटके प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए NBCC को इम्प्लीमेंटिंग एजेंसी के तौर पर मंजूरी दी थी। इन 16 प्रोजेक्ट्स में करीब 49,748 घर शामिल हैं। इनकी निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित एपेक्स कोर्ट कमेटी को जिम्मेदारी दी गई। कमेटी को निर्माण की निगरानी, फंड मैनेजमेंट और प्रोजेक्ट्स से मिलने वाली रकम के वितरण जैसे अहम काम देखने हैं। इसके साथ ही प्रोजेक्ट स्तर पर सब-कमेटियां बनाने की व्यवस्था भी की गई, ताकि होमबायर्स के हितों की सुरक्षा हो सके।
