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आधी रात को बैंक अकाउंट से उड़ गए पैसे? सुबह का करें इंतजार या तुरंत रिपोर्ट करें

अगर आधी रात को आपके बैंक खाते से पैसे चोरी हो जाएं, तो सुबह होने का इंतजार न करें। समय पर शिकायत करने से नुकसान रोकने और पैसे वापस मिलने की संभावना बेहतर हो सकती है। जानिए तुरंत क्या करना चाहिए।

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Online Scam

आजकल ऑनलाइन बैंकिंग और UPI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के मामले भी सामने आ रहे हैं। कई बार लोगों को मोबाइल पर बैंक खाते से पैसे कटने का मैसेज मिलता है, जबकि उन्होंने कोई ट्रांजैक्शन नहीं किया होता। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत कदम उठाना जरूरी है। रात के 12 बजे हों या सुबह के 4 बजे, शिकायत करने के लिए बैंक खुलने का इंतजार नहीं करना चाहिए।

अगर आपके बैंक खाते से बिना अनुमति पैसे कट गए हैं, तो सबसे पहले अपने बैंक के आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क करें। बैंक की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या डेबिट कार्ड पर दिए गए नंबर का इस्तेमाल करें। बैंक को बताएं कि आपने यह ट्रांजैक्शन नहीं किया है और इसकी शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत का नंबर जरूर लें, ताकि जरूरत पड़ने पर आप आगे इसकी स्थिति जान सकें।

इसके बाद अपने डेबिट कार्ड, UPI या नेट बैंकिंग के गलत इस्तेमाल की आशंका होने पर संबंधित सुविधा को तुरंत ब्लॉक करवाएं। अगर आपके बैंक के मोबाइल ऐप में कार्ड ब्लॉक करने या ऑनलाइन ट्रांजैक्शन बंद करने का विकल्प है, तो उसका इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इससे खाते से आगे होने वाले नुकसान को रोकने में मदद मिल सकती है।

बैंक को सूचना देने के साथ ही साइबर ठगी की शिकायत के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। आप सरकार के आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। अगर ठगी की रकम किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर हुई है, तो जल्द शिकायत करने से संबंधित लेन-देन को ट्रैक करने और रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि, पैसे वापस मिलने की गारंटी नहीं होती।

शिकायत करते समय ट्रांजैक्शन का मैसेज, तारीख, समय, रकम और ट्रांजैक्शन आईडी जैसे सभी जरूरी सबूत सुरक्षित रखें। बैंक और साइबर हेल्पलाइन से मिली शिकायत संख्या भी संभालकर रखें। ये जानकारी जांच के दौरान काम आ सकती है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के तहत बैंकों को अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन की शिकायत दर्ज कराने के लिए चौबीसों घंटे सुविधा उपलब्ध करानी होती है। हालांकि, ठगी की स्थिति में ग्राहक की जिम्मेदारी इस बात पर निर्भर करती है कि धोखाधड़ी कैसे हुई और शिकायत कितनी जल्दी दर्ज कराई गई। अगर आपने OTP, पासवर्ड या UPI PIN किसी के साथ साझा किया है, तो मामला अलग हो सकता है। इसलिए सबसे जरूरी बात यह है कि खाते से पैसे गायब होने पर सुबह का इंतजार न करें, तुरंत बैंक और साइबर क्राइम हेल्पलाइन को सूचना दें।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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