New Financial Changes From 1 June: हर महीने की शुरुआत में नए फाइनेंशियल बदलाव होते हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। रविवार से जून का महीना शुरू होने जा रहा है। इसके साथ ही कई नए रूल्स भी बदलने जा रहे हैं। इनमें पहला है EPFO 3.0, जिसे सरकार अगले महीने लॉन्च कर सकती है। अगर ये लॉन्च होता है तो ईपीएफओ अकाउंटहोल्डर्स अपना पैसा ATM और UPI के जरिए आसानी से निकाल सकेंगे। आगे जानिए अगले महीने और कौन से बदलाव होने जा रहे हैं।
अगले महीने से बदलेंगे कई नियम
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Aadhaar अपडेट का नया नियम
अगले महीने Aadhaar में फ्री अपडेट की सुविधा खत्म हो जाएगी। मगर इसकी डेडलाइन 14 जून है। यानी 14 जून तक फ्री अपडेट का मौका है, उसके बाद इसके लिए 50 रु का चार्ज लगेगा।
कोटक बैंक का क्रेडिट कार्ड
अगर आपके कोटक महिंद्रा बैंक का क्रेडिट कार्ड है तो 1 जून से अलर्ट रहें। क्योंकि अगर 1 जून से आपकी Auto Debit Transaction फेल हुई तो बैंक आपसे 2 फीसदी का बाउंस चार्ज वसूलेगा, जो कि कम से कम 450 रुपये और अधिकतम 5000 रुपये होगा।
गैस और ATF का दाम
ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने की 1 तारीख को सीएनजी-पीएनजी के दामों की समीक्षा करती हैं और नए दाम जारी करती हैं। इनके अलावा एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF Price) के दामों की भी समीक्षा होती है। 1 जून से इन तीनों के दाम बदल सकते हैं।
LPG सिलेंडर की कीमत बदल सकती है
ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने LPG सिलेंडर के दामों की भी समीक्षा करती हैं और उसके बाद नए दाम जारी करती हैं। ऐसे में 1 जून से घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बदल सकते हैं। ये भी संभव है कि दामों में कोई बदलाव न हो।
FD रेट घट सकते हैं
FD की ब्याज दरों में कटौती की जा सकती है। दरअसल रिजर्व बैंक रेपो रेट में दो बार कटौती कर चुका है। तीसरी बार जून में कटौती हो सकती है। अगर रेपो रेट घटी तो एफडी की ब्याज दरों में कटौती की जा सकती है।
म्यूचुअल फंड के इस रूल में बदलाव
मार्केट रेगुलेटर SEBI ने ओवरनाइट म्यूचुअल फंड योजनाओं के लिए नया कट-ऑफ टाइम लागू किया है। 1 जून से लागू होने वाले इस नियम के तहत ऑफलाइन ट्रांजैक्शन का टाइम दोपहर 3 बजे और ऑनलाइन के लिए शाम 7 बजे से होगा। यदि इस समय के बाद ऑर्डर किया जाएगा तो उसे अगले वर्किंग डे के लिए माना जाएगा।
UPI लेन-देन का नया नियम
NPCI के नए नियम के मुताबिक अगले महीने से UPI पेमेंट के दौरान आपको केवल 'Ultimate Beneficiary' यानी रिसीवर का बैंकिंग नाम दिखेगा। एडिट किए गए नाम नहीं दिखेंगे। सभी ऐप्स इस नियम को 30 जून तक लागू कर सकते हैं।
