फ्लैट मालिकों के लिए राहत: साइज के हिसाब से मेंटेनेंस चार्ज वसूलने पर लगी रोक, कोर्ट ने दिया ये आदेश

Housing Society Maintenance: महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव अपीलीय कोर्ट ने आदेश दिया है कि हाउसिंग सोसायटियां फ्लैट या दुकान के आकार (एरिया) के आधार पर अलग-अलग या अधिक कॉमन मेंटेनेंस शुल्क नहीं वसूल सकती हैं।

Housing Society Maintenance : अगर आप किसी हाउसिंग सोसाइटी में रहते हैं और आपके फ्लैट या दुकान का आकार बड़ा होने के कारण आपसे ज्यादा मेंटेनेंस चार्ज वसूला जा रहा है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव अपीलेट कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि हाउसिंग सोसायटियां प्रॉपर्टी के साइज या उसके व्यावसायिक (कमर्शियल) इस्तेमाल के आधार पर मनमाना या अलग-अलग मेंटेनेंस चार्ज नहीं वसूल सकती हैं। अदालत की न्यायमूर्ति वीआर कुलकर्णी ने स्पष्ट किया कि जब तक कोई ठोस कानूनी आधार न हो, तब तक केवल एरिया बड़ा होने या यूनिट के कमर्शियल होने की वजह से ज्यादा शुल्क नहीं लिया जा सकता।

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सोसाइटी मेंटेनेंस पर बड़ा आदेश: एरिया बड़ा या दुकान होने पर अतिरिक्त शुल्क वसूलना गैर-कानूनी

क्या था पूरा मामला?

ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला मुंबई के वर्ली इलाके की एक हाउसिंग सोसाइटी से जुड़ा है। सोसाइटी के कुछ नाराज निवासियों ने सोसाइटी के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि सोसाइटी के सभी सदस्य समान कॉमन सुविधाओं का उपयोग करते हैं, इसलिए सामान्य मेंटेनेंस खर्च सभी सदस्यों में बराबर-बराबर बांटा जाना चाहिए। लेकिन सोसाइटी बड़े फ्लैटों और दुकानों के क्षेत्रफल (एरिया) के आधार पर बिल तैयार कर रही थी। इतना ही नहीं, कमर्शियल दुकानों से आवासीय (रेजिडेंशियल) फ्लैटों की तुलना में दोगुना मेंटेनेंस चार्ज वसूला जा रहा था। निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि जिनके पास पानी का कनेक्शन नहीं था, उनसे भी पानी का शुल्क लिया जा रहा था और सोसाइटी के रखरखाव व प्रमुख मरम्मत कार्यों के ठेके देने में भी गड़बड़ी की जा रही थी।

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