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JIO IPO GMP : 300% से ज्यादा सब्सक्राइब, फिर क्यों हिलने लगा GMP का किला?

देश के सबसे बड़े IPO को एक ही दिन में 300 फीसदी से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिल चुका है। यह बताता है कि निवेशकों के बीच इश्यू को लेकर जबरदस्त डिमांड है। लेकिन, इसके बाद भी GMP लगातार घट रहा है।

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जियो आईपीओ का जीएमपी लुढ़का

JIO IPO GMP: जियो प्लेटफॉर्म्स IPO को लेकर शेयर बाजार में निवेशकों का उत्साह बना हुआ है। इश्यू को 22 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:37 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 3.83 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका है। यानी ऑफर किए गए शेयरों के मुकाबले करीब 383% बोली लग चुकी थी। इसके बावजूद IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) अपने हालिया शिखर से फिसल गया है।

20 अक्टूबर को ₹273 तक पहुंचा GMP अब घटकर ₹239 रह गया है। इससे ग्रे मार्केट के आधार पर अनुमानित लिस्टिंग प्राइस ₹1,392 से घटकर ₹1,358 हो गई है। ऐसे में सवाल है कि जब IPO को हाथोंहाथ लिया जा रहा है, तो GMP का जोश क्यों ठंडा पड़ने लगा है?

ध्यान देने वाली बात यह है कि GMP में गिरावट के बावजूद यह अभी भी इश्यू के अपर प्राइस बैंड से करीब 21.36% प्रीमियम का संकेत दे रहा है। यानी ग्रे मार्केट का संकेत कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन पूरी तरह फीका नहीं पड़ा है।

दरकने लगा GMP का किला

जियो प्लेटफॉर्म्स IPO का GMP 4 अक्टूबर को 148 रुपये के प्रीमियम दिखना शुरू हुआ। इसके बाद 20 अक्टूबर को ₹273 के उच्च स्तर पर पहुंच गया। लेकिन, अब यह घटकर 22 अक्टूबर को यह ₹239 पर आ गया। यानी प्रति शेयर प्रीमियम में ₹34 की गिरावट आई है।

घटने लगी कमाई की उम्मीद

₹273 GMP निवेशकों को 24.40% के लिस्टिंग गेन के साथ प्रति लॉट करीब ₹3,276 के मुनाफे का संकेत दे रहा था। लेकिन, अब यह घटकर ₹239 पर आ गया है। यानी अब लिस्टिंग गेन की उम्मीद 21.36% रह गई है। इसके हिसाब से एक लॉट पर मुनाफा ₹2,868 तक रह गया है। इस तरह अपने पीक से GMP में ₹34 यानी करीब 12.45% की कमी आ चुकी है।

GMP में नरमी क्यों?

सब्सक्रिप्शन और GMP दो अलग-अलग संकेत हैं। सब्सक्रिप्शन बताता है कि निवेशकों ने IPO में कितनी बोली लगाई है, जबकि GMP अनौपचारिक ग्रे मार्केट में शेयरों के प्रति चल रही उम्मीद को दर्शाता है। इस इश्यू में रिटेल बायर्स अभी उतनी दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। ग्रे मार्केट प्रीमियम पर रिटेल बायर्स की दिलचस्पी का बड़ा असर होता है। यही वजह है कि QIB की तरफ से मजबूत मांग के बावजूद GMP में उतार-चढ़ाव जारी है।

क्या लिस्टिंग पर भी पड़ेगा असर?

GMP में गिरावट को लिस्टिंग की संभावनाओं के लिए चेतावनी संकेत के तौर पर देखा जा सकता है, लेकिन इसे कमजोर लिस्टिंग का पक्का संकेत मानना सही नहीं होगा। अभी ₹239 का प्रीमियम, ₹1,119 के अपर प्राइस बैंड पर 21.36% अनुमानित बढ़त दिखाता है।

यह अनुमान सही साबित होगा या नहीं, इसका फैसला लिस्टिंग के दिन शेयर की वास्तविक मांग और बाजार की परिस्थितियों से होगा। GMP अनौपचारिक बाजार से मिलने वाला संकेत है। यह न तो कंपनी की ओर से घोषित कीमत है और न ही BSE, NSE या SEBI की ओर से सुनिश्चित लिस्टिंग प्राइस।

टॉप 5 में होगी शामिल

जियो प्लेटफॉर्म्स IPO के जरिए ₹30,213 करोड़ जुटाए जा रहे हैं। कंपनी ने इश्यू के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का अनुमानित मार्केट कैप करीब ₹10.30 लाख करोड़ है। इस तरह कंपनी लिस्ट होते मार्केट कैप के हिसाब से देश की टॉप 5 कंपनियों में शामिल हो जाएगी।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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