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JIO IPO खुलने से पहले ही दे रहा 'लाभ के शुभ संकेत' 20% तक भागा GMP

जियो आईपीओ खुलने से पहले ही मुनाफे के संकेत मिलने लगे हैं। ग्रे मार्केट प्रीमियम के हिसाब से देखें, तो निवेशकों को जियो के शेयरों की लिस्टिंग पर 20% तक मुनाफा मिल सकता है।

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जियो आईपीओ दे रहा मुनाफे का संकेत

Jio Platforms IPO GMP: मुकेश अंबानी की कंपनी Jio Platforms के IPO का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए ग्रे मार्केट से अच्छी खबर आई है। IPO खुलने से पहले ही इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब 20% तक पहुंच गया है। 15 अक्टूबर, 2026 को उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, GMP ₹218 पर पहुंच गया, जो ₹1,119 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले 19.48% ज्यादा है। इस हिसाब से शेयर की अनुमानित लिस्टिंग कीमत ₹1,337 बैठती है।

रिटेल में एक लॉट पर कितना मुनाफा?

Jio Platforms IPO का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर तय किया गया है। रिटेल निवेशकों को कम से कम 12 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। अपर प्राइस बैंड पर एक लॉट खरीदने के लिए ₹13,428 का निवेश करना पड़ेगा। GMP ₹218 रहने पर अनुमानित लिस्टिंग कीमत ₹1,337 बनती है। इस आधार पर एक लॉट की संभावित वैल्यू ₹16,044 हो सकती है। यानी निवेश की रकम के मुकाबले ₹2,616 का प्रॉफिट दिखाई देता है।

निवेश का हिसाबरकम
IPO का अपर प्राइस बैंड₹1,119
एक लॉट में शेयर12
एक लॉट के लिए निवेश₹13,428
मौजूदा GMP₹218 प्रति शेयर
अनुमानित लिस्टिंग प्राइस₹1,337 प्रति शेयर
12 शेयरों की अनुमानित वैल्यू₹16,044
अनुमानित अंतर₹2,616

21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक खुलेगा IPO

Jio Platforms इस IPO के जरिए ₹30,213 करोड़ तक जुटाने की तैयारी में है। कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, यानी इसके तहत नए शेयर जारी किए जाएंगे और मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी बेचने के लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं रखा गया है। यह इश्यू भारत के सबसे बड़े IPO के तौर पर सामने आने की तैयारी में है। इसका आकार Hyundai Motor India के 2024 के IPO से भी बड़ा होगा।

GMP देखकर लगाएं दांव या करें इंतजार?

Jio Platforms IPO का GMP फिलहाल मजबूत मांग का संकेत दे रहा है। लेकिन IPO में निवेश करने वालों को यह भी समझना चाहिए कि ग्रे मार्केट प्रीमियम आधिकारिक शेयर बाजार का भाव नहीं है। इसमें तेजी या गिरावट कभी भी हो सकती है। अगर IPO खुलने से पहले बाजार का माहौल बदलता है या ग्रे मार्केट में मांग घटती है, तो GMP नीचे भी आ सकता है। इसी तरह, ऊंचे GMP के बावजूद शेयर की लिस्टिंग उम्मीद से कमजोर रह सकती है। इसलिए केवल 20% GMP देखकर आवेदन करने का फैसला करना ठीक नहीं होगा। निवेश से पहले IPO के वैल्यूएशन, कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता को जरूर समझें।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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