India vs Pakistan Asia Cup 2023: भारत और पाकिस्तान (IND vs PAK) का कोई भी मैच बेहद जबरदस्त और रोमांचक होता है। इसकी दिवानगी दोनों देशों में देखने को मिलती है। क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसे पूरी दुनिया में व्यापक रूप से देखा जाता है। अब, संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देशों ने भी इस खेल में एंट्री कर ली है। यह जितना लोकप्रिय है उतना ही पैसों वाला है। फिलहाल, भारत का क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई अपनी कुल संपत्ति के साथ टॉप पर है। भारत के चिरप्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान का क्रिकेट बोर्ड पिछड़ गया है लेकिन लगातार आगे बढ़ रहा है। तो आज पीसीबी की नेट वर्थ और बीसीसीआई की नेटवर्थ, आय पर एक नजर डालते हैं।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) ने बीसीसीआई के रेवेन्यू में वृद्धि की है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से अधिक अमीर है। बीसीसीआई की कुल संपत्ति 2 बिलियन डॉलर करीब 16,400 करोड़ रुपये है, जबकि पीसीबी की कुल संपत्ति 55 मिलियन डॉलर लगभग 451 करोड़ रुपये है। इस तरह देखा जाए तो बीसीसीआई से पीसीबी 36 गुना गरीब है। बीसीसीआई दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) ने बीसीसीआई के रेवेन्यू में वृद्धि की है। पीसीबी दुनिया के टॉप पांच सबसे अमीर क्रिकेट बोर्डों में से एक है।
2023 में पीसीबी नेट वर्थ और वार्षिक आय
पीसीबी की अनुमानित कुल संपत्ति लगभग $55 मिलियन है लगभग 451 करोड़ रुपये है। यह कमाई टिकट बिक्री और प्रसारण राजस्व के माध्यम से मिलती है। हाल ही में, यह बताया गया कि बोर्ड ने इस साल अपना रेवेन्यू 111.45 मिलियन डॉलर को पार कर लिया है।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई के आय का सोर्स
बीसीसीआई की अनुमानित कुल संपत्ति 2 बिलियन डॉलर करीब 16,400 करोड़ रुपये है। बीसीसीआई को वित्त वर्ष 2021-2022 में 7,606 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला था, जबकि उसका खर्च लगभग 3,064 करोड़ रुपये आया। 2020-21 के दौरान इसका राजस्व 4,735 करोड़ रुपये था, जबकि खर्च 3,080 करोड़ रुपये था।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के मुताबिक भारत की क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने पिछले पांच वित्तीय वर्ष (FY18-FY22) में कुल 27,411 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला है। बता दें कि बीसीसीआई की कमाई मीडिया अधिकारों, स्पॉन्सरशिप और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के रेवेन्यू शेयरों से होती है। बीसीसीआई ने वित्तीय वर्ष 2021-2022 में 1,159 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स भुगतान किया। वहीं वित्तीय वर्ष 2020-21 में, बीसीसीआई ने 844.92 करोड़ रुपये का और 2019-20 में 882.29 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स चुकाया। वित्त वर्ष 2019-18 में, बोर्ड ने कर के रूप में 815.08 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जो 2017 में भुगतान किए गए 596.63 करोड़ रुपये से अधिक था।
