NSSO PLFS Unemployment Data: जनवरी -मार्च के दौरान बेहतर आर्थिक गतिविधियों की वजह से बेरोजगारी दर में गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट शहरी इलाकों में आई है। NSSO द्वारा जनवरी-मार्च की अवधि के लिए किए गए PLFS (सर्वे) में बेरोजगारी दर 7.2 फीसदी से गिरकर 6.8 फीसदी पर आ गई है। रोजगार के अवसर बढ़ने की प्रमुख वजह सर्विस सेक्टर में डिमांड बढ़ना रहा है। अहम बात यह है कि बेरोजगारी दर महिला और पुरूष दोनों कैटेगरी में गिरी है। यह आकड़े इसलिए भी अहम है कि कोविड-19 की महामारी के दौरान दूसरी लहर में शहरी इलाकों में रोजगार के अवसर आधे रह गए थे।
रोजगार के मोर्चे पर अच्छी खबर
साल 2022 से जारी है गिरावट का दौर
NSSO द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार शहरी इलाकों में बेरोजगारी दर में बीते साल 2022 से लगातार गिरावट आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार जनवरी-मार्च 2022 में शहरी इलाकों में बेरोजगारी दर 8.2 फीसदी थी। जो कि अप्रैल-जून में 7.6 फीसदी, जुलाई-सितंबर में 7.2 फीसदी, अक्टूबर-दिसंबर में 7.2 फीसदी और फिर अब जनवरी-मार्च 2023 में 6.8 फीसदी पर आ गई है।
जनवरी-मार्च के दौरान पुरुषों की तुलना में महिलाओं की बेरोजगारी दर ज्यादा रही है। इस दौरान महिलाओं में बेरोजगारी दर 9.2 फीसदी और पुरूषों में महंगाई दर 6.0 फीसदी रही है। साफ है कि महिलाओं को अभी भी पुरुषों की तुलना में रोजगार के कम अवसर मिल रहे हैं। वहीं अगर सबसे ज्यादा किस राज्य में महिलाओं की रोजगार में भागीदारी है, तो उसमें छत्तीसगढ़ अव्वल है। यहां श्रमिक भागीदारी दर में महिलाओं की 31.5 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं उत्तर प्रदेश का सबसे बुरा हाल है, जहां पर महिलाओं की भागीदारी केवल 13.3 फीसदी है।
इन राज्यों में सबसे ज्यादा बेरोजगारी
भले ही ओवरऑल देश के शहरी इलाकों में बेरोजगारी दर घटी है। लेकिन दो राज्य छत्तीसगढ़ और राजस्थान के आंकड़े वहां की मौजूदा सरकार के लिए चिंताजनक साबित हो सकते हैं। असल में इन राज्यों में इसी साल चुनाव होने वाले हैं। और सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर इन्ही राज्यों में हैं। ईटी की रिपोर्ट में सर्वे का हवाला देते हुए बताया गया है कि जनवरी-मार्च के दौरान 12.5 फीसदी की बेरोजगारी दर के साथ छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है। वहीं दूसरे नंबर पर 11.9 फीसदी के राजस्थान है। सबसे कम बेरोजगारी दर दिल्ली और पश्चिम बंगाल में हैं। दिल्ली में यह 3.1 फीसदी तो पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी दर 4.2 फीसदी है।
