अमेरिका से इतर बाजार तलाश रहा भारत, चीन और ASEAN में निर्यात बढ़ाने की तैयारी, गोयल ने साझा किया रोडमैप

गोयल की टिप्पणी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन, भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भारत ने चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर बार-बार चिंता जताई है।

भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार रहा है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ लगाने के बाद से भारतीय कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ी हैं। इस संकट से पार पाने के लिए भारत दुनिया के दूसरे देशों में बाजार ढूंढ रहा हैं। इसका असर भी हुआ है। अमेरिका से इतर कई देशों में भारतीय उत्पाद का निर्यात बढ़ा है। इसमें चीन जैसा बड़ा देश भी शामिल है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2025-26 में 7.9 प्रतिशत बढ़कर 127.7 अरब डॉलर हो गया। वित्त वर्ष 2024-25 में यह 118.39 अरब डॉलर था। चीन को भारत का निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में 36.62 प्रतिशत बढ़कर 19.47 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले 14.25 अरब डॉलर था।

Piyush Goyal

पीयूष गोयल

वहीं, इस अवधि में आयात 16 प्रतिशत बढ़कर 131.62 अरब डॉलर हो गया। इससे व्यापार घाटा पिछले वित्त वर्ष में बढ़कर 99.19 अरब डॉलर हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 85 अरब डॉलर था। यह भारत के लिए चिंता का विषय है।

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