जिनपिंग के दौरे से पहले भारत में बरसा चीन का पैसा, निवेश से व्यापार तक दिखी गर्मजोशी

अमेरिका के मनमाने टैरिफ की चुनौती के बीच चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 7 साल बाद भारत दौरे कर सकते हैं। जिनपिंग के दौरे से पहले भारत में चीनी निवेश में जमकर निवेश हो रहा है।

India China Relation : भारत और चीन के रिश्तों में गलवान के बाद जमी बर्फ अब धीरे-धीरे पिघलती दिख रही है। सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (18th BRICS Summit) से पहले चीन से जुड़ी पूंजी का भारत में आना तेज हुआ है। सरकार के संशोधित विदेशी निवेश नियमों के बाद अब तक 29 निवेश प्रस्ताव करीब 4,895.65 करोड़ रुपये के सामने आए हैं। इन प्रस्तावों का बड़ा हिस्सा ऐसे वैश्विक निवेशकों से जुड़ा है, जिनकी कंपनियों में चीन या भारत से जमीन सीमा साझा करने वाले देशों की गैर-नियंत्रित हिस्सेदारी है।

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भारत चीन के संबंधों में सुधार

यह बदलाव ऐसे समय आया है जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सितंबर में भारत आने की संभावना जताई जा रही है। 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में जिनपिंग की भागीदारी की तैयारी चल रही है, हालांकि उनकी यात्रा की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसी बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता के लिए बीजिंग पहुंचे हैं, जहां उनकी चीन के विदेश मंत्री वांग यी से सीमा विवाद पर बातचीत होनी है।

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