Income Tax: बेसिक आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 3.5 लाख की जानी चाहिए, जानिए क्यों?

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Jan 18, 2024, 01:01 PM IST

Income Tax Exemption Limit: बेसिक टैक्स छूट सीमा को 2.5 लाख से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपए किया जाना चाहिए क्योंकि महंगाई जिस रफ्तार से बढ़ी है। उस हिसाब से लोगों की आमदनी नहीं बढ़ी है।

Income Tax Exemption Limit: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करने जा रही है। इस साल आम चुनाव होने की वजह से यह अंतरिम बजट होगा। हर साल की तरह इस बार भी व्यक्तिगत इनकम टैक्स को लेकर राहत की उम्मीदें हैं। आरएसएम इंडिया के संस्थापक सुरेश सुराना ने बेसिक टैक्स छूट सीमा को 2.5 लाख से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये करने की मांग की। आरएसएम इंडिया के संस्थापक ने बताया है कि पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) csx 2.5 लाख रुपए की मौजूदा बेसिक छूट सीमा में वर्ष 2014 से कोई बदलाव नहीं हुआ है।

Basic Income Tax Exemption Limit, Old Tax Regime, New Tax Regime

बेसिक टैक्स छूट लिमिट बढ़नी चाहिए

बढ़ती महंगाई की वजह से बढ़नी चाहिए बेसिक टैक्स छूट सीमा

सुरेश सुराना ने ईटी को बताया कि 50000 रुपए की मानक कटौती तीन साल पहले शुरू की गई थी। लेकिन यह केवल वेतनभोगी टैक्सपेयर्स पर लागू होती थी, जिससे सीमित राहत मिलती थी। उन्होंने कहा कि पिछले संशोधन के बाद से लगातार उच्च महंगाई दर और जीवन यापन की बढ़ती लागत के मद्देनजर बेसिक छूट सीमा को 3.5 लाख रुपए तक बढ़ाने का एक मजबूत आधार बनता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रस्तावित समायोजन करीब 7 करोड़ टैक्सपेयर्स के एक बड़े हिस्से को लाभ पहुंचाएगा। जो महंगाई के दबाव के खिलाफ राहत रूप में कार्य करेगा। ईटी का एक विश्लेषण, घाटे के प्रबंधन में सरकार के सामने आने वाली राजकोषीय चुनौतियों को स्वीकार करता है, लेकिन राजकोषीय जिम्मेदारी और टैक्सपेयर्स को राहत प्रदान करने के बीच एक संतुलन की आवश्यकता को भी स्वीकार करता है।

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