IBC में दाखिल होने से पहले ही 13.78 लाख करोड़ रुपये की वसूली! जानिए कैसे चुकाया गया इतना बड़ा कर्ज

भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC) के लागू होने से पहले ही 30,000 से अधिक मामलों में ₹13.78 लाख करोड़ की वसूली हो चुकी है। IBBI के अधिकारी के अनुसार, यह देनदारों के बदले हुए रवैये और IBC की प्रभावशीलता को दर्शाता है। इसके अलावा, RBI की रिपोर्ट में भी बताया गया कि IBC के जरिए बड़ी मात्रा में बैंकों को रिकवरी में मदद मिली है।

KEY HIGHLIGHTS
  • IBC में दाखिल होने से पहले 30,310 मामलों का निपटारा, जिसमें ₹13.78 लाख करोड़ की चूक शामिल।
  • RBI की रिपोर्ट के अनुसार, ₹96,000 करोड़ में से ₹46,000 करोड़ IBC के जरिए वसूले गए।
  • मार्च 2025 तक 1,194 कंपनियों का समाधान, लेनदारों को ₹3.89 लाख करोड़ की रिकवरी मिली।

भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड (IBBI) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को बताया कि IBC के अंतर्गत आने से पहले ही दिसंबर 2024 तक, 13.78 लाख करोड़ रुपये की बकाया राशि से जुड़े 30,000 से अधिक मामलों का समाधान किया जा चुका है। यह स्थिति इस ओर इशारा करती है कि संहिता के प्रावधानों ने समय रहते संकट से निपटने के लिए देनदारों को सक्रिय किया है।

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IBC लागू होने से पहले ₹13.78 लाख करोड़ की वसूली | जानें पूरा डेटा

IBBI के कार्यकारी निदेशक जितेश जॉन ने जानकारी दी कि 30,310 मामलों को आधिकारिक रूप से दर्ज किए जाने से पहले ही निपटा लिया गया, जिनमें भारी वित्तीय चूक शामिल थी।

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