HDFC Bank ने अपने नेतृत्व ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। बैंक ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त और पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार (Rajiv Kumar) को अपना नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया है। यह नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी के बाद प्रभावी होगी।
राजीव कुमार (तस्वीर-X)
नियुक्ति की अवधि और शर्तें
बैंक की ओर से जारी जानकारी के अनुसार राजीव कुमार को तीन साल की अवधि के लिए पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया है। यह कार्यकाल उस तारीख से शुरू होगा, जिस तारीख को RBI से अंतिम मंजूरी मिल जाएगी। यानी अभी यह नियुक्ति नियामक मंजूरी के अधीन है और उसी के बाद इसे लागू माना जाएगा।
राजीव कुमार का अनुभव
Rajiv Kumar भारत सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। वे मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में देश के चुनावी सिस्टम का नेतृत्व कर चुके हैं। इसके अलावा वे वित्त सचिव भी रह चुके हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नीति और प्रशासन का गहरा अनुभव है। बैंक को उम्मीद है कि उनका यह अनुभव संस्थान के संचालन और रणनीतिक फैसलों में मदद करेगा।
नियामकीय अनुपालन और स्पष्टता
बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि राजीव कुमार किसी भी नियामक प्राधिकरण, जैसे SEBI या अन्य किसी संस्था द्वारा निदेशक पद पर रहने से प्रतिबंधित नहीं हैं। यह बयान इसलिए जारी किया गया ताकि उनकी नियुक्ति को लेकर किसी प्रकार की कानूनी या अनुपालन संबंधी शंका न रहे।
बैंक ने कहा कि वित्तीय सेवा विभाग में 2017 से 2020 तक सचिव रहते हुए कुमार ने उस दौर में जिम्मेदारी संभाली, जब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे थे। बैंकों पर बड़ी मात्रा में छिपे हुए गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA), पूंजी की कमी और इक्विटी व कर्ज के गलत इस्तेमाल का दबाव था। ऐसे कठिन समय में कुमार ने मजबूत नीतियां बनाकर और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए बैंकिंग व्यवस्था को स्थिरता दी। उन्होंने NPA की सही पहचान सुनिश्चित की, उनके लिए प्रोविज़निंग अनिवार्य बनाई और IBC के तहत कर्जदारों की जवाबदेही तय कर बैंक बैलेंस शीट को मजबूत बनाया।
यह नियुक्ति एचडीएफसी बैंक के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी के जुड़ने से बैंक की गवर्नेंस और निर्णय प्रक्रिया और मजबूत होने की उम्मीद है। RBI की मंजूरी के बाद यह नियुक्ति आधिकारिक रूप से लागू हो जाएगी।
