Gold price prediction: सोने को आमतौर पर सबसे सुरक्षित निवेश के तौर पर देखा जाता है। लेकिन गिरावट भरे दौर में अभी लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या यह आगे भी बढ़ता रहेगा। इसकी पीछे की वजह अमेरिका-चीन ट्रेड डील में मिला नया अपडेट और मूडीज का क्रेडिट रेटिंग का घटाया जाना है। पिछले हफ्ते की बात करें तो सोने की कीमतों में कुछ खास बदलाव देखने को नहीं मिला है। हफ्ते के अंत तक यह 6 महीनों की सबसे बड़ी गिरावट की ओर बढ़ रहा है। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अमेरिका-चीन व्यापार तनाव में कमी रही। दोनों देशों के बीच 90 दिनों का टैरिफ ब्रेक निवेशकों की चिंता को कम करने वाला कदम माना जा रहा है, जिससे सोने की सुरक्षित निवेश मांग में गिरावट आई।
जानिए सोने कीमतों का पूर्वानुमान
अमेरिकी आर्थिक डेटा और डॉलर का असर
हालांकि अमेरिका में खुदरा बिक्री और महंगाई के कमजोर आंकड़ों ने थोड़ी राहत दी, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप और फेडरल रिजर्व गवर्नर पॉवेल की टिप्पणियों से बाजार में फिर से अस्थिरता आ गई। मूडीज द्वारा अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग को Aaa से Aa1 पर लाया गया है, जो देश के बढ़ते कर्ज और ब्याज दरों की चिंताओं को दर्शाता है। इससे सोने की मांग को थोड़ी मजबूती मिल सकती है, लेकिन फिलहाल बाजार मिश्रित संकेतों से जूझ रहा है।
कीमतों का पूर्वानुमान
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के सीनियर एनालिस्ट मानव मोदी के अनुसार, इस सप्ताह सोना घरेलू बाजार में ₹91,500 से ₹95,500 के दायरे में रह सकता है। ₹90,500 का स्तर मजबूत सपोर्ट बना हुआ है और जब तक यह स्तर नहीं टूटता, तब तक नई बिकवाली से बचना चाहिए।
वर्तमान में निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचना चाहिए। जब तक सोना ₹90,500 के नीचे नहीं जाता, तब तक होल्ड करने की सलाह दी जा रही है।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में व्यक्त किए गए विचार विश्लेषकों के निजी हैं। यह टाइम्स नाउ नवभारत के विचार नहीं हैं। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।)
