Who Is Vinod Adani And Relation With Gautam Adani: : राहुल गांधी के मुंबई में होने वाली विपक्षी गठबंधन की बैठक से पहले दिए गए बयान से अडाणी के भाई विनोद अडाणी फिर चर्चा में है। यह पहली बार नहीं जब वह चर्चा में आए हों इसके पहले वह हिंडनबर्ग की रिपोर्ट की वजह से भी सुर्खियों में थे। उन पर सवाल उठने पर अडाणी ग्रुप ने पिछली बार साफ किया था कि विनोद अडाणी प्रमोटर ग्रुप का हिस्सा हैं। गौतम अडाणी और राजेश अडाणी, अडाणी समूह की विभिन्न लिस्टेड कंपनियों के पर्सनल प्रमोटर हैं और विनोद अडाणी पर्सनल प्रमोटर्स के नजदीकी रिश्तेदार हैं।
विनोद अडानी भारत के सबसे अमीर एनआरआई हैं।
अडाणी समूह ने जनवरी में इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि विनोद अडाणी के पास अडाणी समूह की सूचीबद्ध संस्थाओं या उनकी सहायक कंपनियों में कोई प्रबंधकीय पद नहीं है और उनके दैनिक मामलों में उनकी कोई भूमिका नहीं है।
विनोद अडाणी की नेटवर्थ
न्यूज एजेंसी भाषा और शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार विनोद अडाणी साइप्रस के नागरिक हैं। आईआईएफएल हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2022 (IIFL Wealth Hurun India Rich List 2022) के अनुसान वह भारत के सबसे अमीर एनआरआई हैं। हुरून के अनुसार सितंबर 2022 तक उनकी कुल संपत्ति 1,69,000 करोड़ रुपये पहुंच गई थी। यही वजह रही कि 2022 में वह सबसे अमीर NRI भी रहे। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह स्थायी तौर पर सिंगापुर के निवासी हैं। फोर्ब्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्होंने 1976 में मुंबई के पास एक टेक्सटाइल मिल की स्थापना की, इसके बाद 1989 में वह सिंगापुर चले गए। बाद में उनका कामकाज 1994 में दुबई पहुंच गया।
विनोद अडाणी करते हैं ये काम
विनोद अडाणी के बारे में कहा जाता है कि वह ट्रेडिंग करने में उस्ताद हैं। चीनी तेल और तांबा वो प्रमुख जिंस हैं जिनमें उनका ट्रेडिंग का अच्छा खासा अनुभव है। अडाणी ग्रुप में भी उनकी बड़ी हिस्सेदारी है।
अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी के अधिग्रहण में निभाई अहम भूमिका
इसके पहले फोर्ब्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि विनोद अडाणी, सितंबर 2022 में सीमेंट बनाने वाली कंपनियों अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी में स्विस फर्म होल्सिम की हिस्सेदारी के 6.5 अरब डॉलर के समूह के अधिग्रहण में शामिल थे। दोनों सीमेंट कंपनियों का पिछले साल होल्सिम समूह से डील के बाद अधिग्रहण किया गया था।
