भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बेकलाइट फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड को उसके उत्पाद ‘मालपानी बेक-लाइट पुनेरी क्रीम रोल’ की लेबलिंग और विज्ञापन में कथित तौर पर भ्रामक दावे करने के मामले में नोटिस जारी किया है। प्राधिकरण की ओर से जारी नोटिस में उत्पाद के नाम, उसकी प्रस्तुति और सामग्री के विवरण को लेकर कई गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। यह उत्पाद ब्लिंकिट और जेप्टो जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया था।
सामग्री की सूची में दूध और क्रीम का उल्लेख नहीं
‘क्रीम रोल’ नाम से उपभोक्ताओं को भ्रमित करने का आरोप
FSSAI के नोटिस के अनुसार, उत्पाद को ‘पुनेरी क्रीम रोल’ नाम दिया गया था और पैकेजिंग पर इसे ‘क्रिस्पी एंड क्रीमी’ यानी कुरकुरा और मलाईदार बताया गया था। प्राधिकरण का मानना है कि इस तरह के नाम और प्रचार से उपभोक्ताओं के मन में उत्पाद की वास्तविक सामग्री को लेकर गलत धारणा बन सकती है। उत्पाद की प्रस्तुति में सफेद, क्रीमी फिलिंग का चित्रण भी उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाला पाया गया।
सामग्री की सूची में दूध और क्रीम का उल्लेख नहीं
नोटिस में दर्ज प्रमुख आपत्तियों के मुताबिक, उत्पाद की घोषित सामग्री में मैदा, हाइड्रोजनीकृत वनस्पति वसा, मार्जरीन और चीनी शामिल हैं। हालांकि, सामग्री की सूची में दूध, मिल्क फैट, क्रीम या अन्य डेयरी उत्पाद का उल्लेख नहीं किया गया है। इसी आधार पर प्राधिकरण ने उत्पाद के नाम और उसकी वास्तविक संरचना के बीच संभावित अंतर पर सवाल उठाए हैं।
क्रीम के निर्धारित मानकों का हवाला
FSSAI ने अपने नोटिस में कहा है कि ‘क्रीम’ एक मानकीकृत डेयरी उत्पाद है। ऐसे में हाइड्रोजनीकृत वनस्पति वसा, मार्जरीन और चीनी से तैयार फिलिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप क्रीम नहीं मानी जा सकती। प्राधिकरण के अनुसार, उत्पाद के नाम में ‘क्रीम’ शब्द का इस्तेमाल और उसे मलाईदार उत्पाद के रूप में प्रस्तुत करना लागू खाद्य मानकों तथा लेबलिंग संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं पाया गया।
खाद्य लेबलिंग और विज्ञापन नियमों के उल्लंघन की आशंका
नोटिस में उत्पाद की लेबलिंग और प्रस्तुति को लागू खाद्य लेबलिंग एवं विज्ञापन संबंधी आवश्यकताओं के गैर-अनुपालन से जुड़ा बताया गया है। खाद्य उत्पादों के नाम, सामग्री और विज्ञापन का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सही जानकारी देना होता है, ताकि वे उत्पाद की प्रकृति और संरचना को समझकर खरीदारी का निर्णय ले सकें। ऐसे में किसी सामग्री के नाम या चित्रण से गलत धारणा बनने की आशंका खाद्य सुरक्षा नियामक के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है।
कंपनी से जवाब और सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश
FSSAI ने संबंधित खाद्य कारोबार संचालकों (FBOs) को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया है। हालांकि, जारी नोटिस में दर्ज आरोपों के संबंध में कंपनी का जवाब या मामले के अंतिम नतीजे की जानकारी इस इमेज में उपलब्ध नहीं है। इसलिए फिलहाल इसे नियामक की ओर से दर्ज आपत्तियों और नोटिस की कार्रवाई के रूप में देखा जाना चाहिए।
