FPI ने 2026 में अबतक शेयर बाजार से ₹3 लाख करोड़ निकाले, 2025 के मुकाबले दोगुनी, कब थमेगी?

हाल के महीनों में बिकवाली बढ़ा है। सितंबर में ₹35,861 करोड़ के शेयर बेचने के बाद, FPIs ने 12 अक्टूबर तक ₹47,417 करोड़ के और शेयर बेचे, जिससे पता चलता है कि विदेशी निवेश की निकासी लगातार जारी है।

भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों का पैसा निकालने का सिलसिला जारी है। साल 2025 में रिकॉर्ड बिकवाली के बाद अब 2026 में भी FPI ने निकासी का नया रिकॉर्ड बना दिया है। बता दें कि विदेशी निवेशकों ने कैलेंडर ईयर 2026 (CY26) के सिर्फ नौ महीनों में भारतीय इक्विटी से रिकॉर्ड 3.08 खरब रुपये निकाले हैं। यह कैलेंडर ईयर 2025 में निकाले गए 1.66 खरब रुपये से लगभग दोगुना है। मार्केट डेटा से पता चलता है कि कैलेंडर ईयर 2024 में उनका कुल निवेश 427 करोड़ रुपये था। अब सवाल उठता है कि विदेशी निवेशक क्यों भारतीय बाजार में बिकवाल बने हुए हैं? तो इसके कई कारण हैं, आइए आपको बताते हैं।

FPI Outflows (AI Image)

विदेशी निवेशकों की कब होगी वापसी?

मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों के लौटने के पीछे कई करण है।

  • रुपये में गिरावट: डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने से विदेशी निवेशक पैसा निकाल रहे हैं। रुपया कमजोर होने से विदेशी निवेशकों का रिटर्न घटता है।
  • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल: US बॉन्ड यील्ड का 5.2% के स्तर को पार कर गया है। अमेरिकी बॉन्ड से बेहतर रिटर्न मिलने से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं।
  • कच्चे तेल की कीमतों में तेजी: तेल महंगा होने से भारत का आयात बिल और महंगाई का दबाव बढ़ा है। इसने बाजार के सेंटिमेंट को खराब किया है।
  • भू-राजनीतिक तनाव: वैश्विक तनाव बढ़ने से विदेशी निवेशक भारत जैसे बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
  • भारतीय शेयरों का महंगा मूल्यांकन: ऊंचे वैल्यूएशन के कारण विदेशी निवेशक दूसरे बाजारों में बेहतर निवेश अवसर तलाश रहे हैं।
  • कमजोर कॉरपोरेट नतीजे: कंपनियों की कमाई उम्मीद से कमजोर रहने से विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगाया है।

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