भारतीय शेयर बाजार संभलने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले दो सालों से बाजार में एक दिन तेजी तो अगले दिन गिरावट का दौर जारी है। बाजार में गिरावट से शेयर के साथ म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है। बहुत सारे म्यूचुअल फंड स्कीम ने निवेशकों को निगेटिव रिटर्न दिया है। इसके बावजूद निवेशकों का भरोसा म्यूचुअल फंड पर कामय है।
म्यूचुअल फंड
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में इक्विटी-ओरिएंटेड स्कीमों में ₹38,306.55 करोड़ का निवेश आया, जो अगस्त के ₹29,328.62 करोड़ से लगभग 31 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि, डेट म्यूचुअल फंड से ₹1,83,155.76 करोड़ की नेट आउटफ्लो (पैसे की निकासी) हुई, जबकि पिछले महीने यह आंकड़ा ₹8,127.32 करोड़ था।
इक्विटी फंड में निवेश लगभग 9,000 करोड़ बढ़ा
अगस्त के मुकाबले सितंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड में ₹8,977.93 करोड़ ज्यादा निवेश आया, जो मासिक नेट इनफ्लो में बड़ी बढ़ोतरी दिखाता है। यह बढ़ोतरी तब हुई है जब अगस्त में इक्विटी फंड में पहले ही इनफ्लो में लगभग 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। सितंबर के आंकड़े बताते हैं कि पूरी इंडस्ट्री के फ्लो में भारी बदलाव के बावजूद इक्विटी स्कीम में पैसा आता रहा।
सितंबर में स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड में निवेश बढ़कर 9,039 करोड़ रुपये हो गया, जबकि अगस्त में यह 7,973 करोड़ रुपये था। इसी तरह, मिड-कैप फंड में निवेश अगस्त के 6,989 करोड़ रुपये से बढ़कर सितंबर में 7,835 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
हाइब्रिड फंड नेगेटिव हुए; ETF इनफ्लो बढ़ा
हाइब्रिड म्यूचुअल फंड में भी सितंबर में बदलाव देखा गया। इस कैटेगरी में ₹456.68 करोड़ का नेट आउटफ्लो दर्ज किया गया, जबकि अगस्त में ₹10,045.34 करोड़ का इनफ्लो हुआ था। वहीं, एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में ₹15,501.40 करोड़ का निवेश आया, जो अगस्त के ₹10,160.87 करोड़ से लगभग 53 प्रतिशत ज़्यादा है। इंडेक्स फंड इसके उलट चले, अगस्त में ₹787.49 करोड़ मिलने के बाद ₹3,614.03 करोड़ का नेट आउटफ्लो दर्ज किया गया।
