EPFO Alert: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) ने खाताधारकों को जानकारी देते हुए अलर्ट किया है कि अगर उनका EPF खाता लंबे समय तक इस्तेमाल में नहीं रहता है तो वह इनऑपरेटिव हो सकता है। ऐसी स्थिति में उनको ब्याज से जुड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए समय रहते सही कदम उठाना बेहद जरूरी है।
समय रहते निकाल लें पैसा, देरी पर हो सकता है नुकसान (Phone: X handle/@officialepfo)
इनऑपरेटिव अकाउंट क्या है
EPFO के अनुसार, अगर किसी कर्मचारी का PF अकाउंट लंबे समय तक निष्क्रिय रहता है तो उसे इनऑपरेटिव अकाउंट माना जाता है। आमतौर पर यह तब होता है जब व्यक्ति नौकरी छोड़ देता है और लंबे समय तक खाते में कोई योगदान नहीं होता। ऐसे में खाताधारक को सलाह दी जाती है कि वह समय पर अपना पैसा निकाल लें या खाते को सक्रिय बनाए रखें।
किस उम्र में निकालें पैसा
अगर कोई व्यक्ति 55 साल की उम्र से पहले रिटायर हो जाता है तो उसे ईपीएफओ की ओर से 58 साल की उम्र तक उनकी EPF राशि निकाल लेने की सलाह दी जा रही है, ताकि ब्याज का नुकसान न हो। वहीं, अगर कोई व्यक्ति 55 साल की उम्र के बाद रिटायर होता है तो उसे रिटायरमेंट की तारीख से 3 साल के भीतर अपनी जमा राशि निकाल लेनी चाहिए। उदाहरण से समझें तो अगर आप 58 वर्ष की आयु में रिटायर हो रहे हैं तो आपको आपका पैसा 61 वर्ष की आयु होने से पहले निकाल लेना चाहिए।
किसी सदस्य की मौत हो जाए तो
Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) के अनुसार, अगर किसी सदस्य का सर्विस के दौरान निधन हो जाता है तो उसका EPF खाता मृत्यु की तारीख से 3 साल बाद इनऑपरेटिव हो जाता है। इसलिए परिवार के सदस्यों या कानूनी वारिसों को समय पर EPF क्लेम करने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से ब्याज के नुकसान से बचा जा सकता है। EPF की राशि समय पर निकालना परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। देर करने पर क्लेम प्रक्रिया जटिल हो सकती है और लाभ कम हो सकता है।
निकासी क्यों जरूरी
यह नियम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि EPF पर मिलने वाला ब्याज हमेशा अनिश्चित समय तक नहीं मिलता। अगर पैसा लंबे समय तक बिना इस्तेमाल के पड़ा रहता है, तो ब्याज बंद हो सकता है या लाभ सीमित हो सकता है। इसलिए समय पर निकासी (withdrawal) बेहद जरूरी होती है।
