Egg Prices Hike: सर्दियों का मौसम शुरू हो चुका है और इस दौरान अंडों की सबसे ज्यादा खपत होती है। ऐसे में यह तेजी आगे भी देखने को मिल सकती है। इसके पीछे की वजह उत्पादकों द्वारा चूजों के प्लेसमेंट (अंडे सेने) में कमी और बढ़ती उत्पादन लागत बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले दो महीनों में अंडे की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। यह सिलसिला पूरे ठंड के मौसम के दौरान जारी रह सकता है।
अंडो की कीमतें मौजूदा स्तर पर बने रहने की संभावना है।
सितंबर से अब तक 37 फीसदी बढ़े रेट
अंडों का निर्यात भी तेजी से बढ़ रहा जिससे कीमतों में बढ़ोतरी में मदद मिल रही है। बिजनेस लाइन के रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी तक अंडो की कीमतें मौजूदा स्तर पर बने रहने की संभावना है। सिंतबर से अब तक नमाक्काल अंडे के मुख्य उत्पादक ने 37 फीसदी तक अंडे के रेट बढ़ाएं हैं। नेशनल एग कॉर्डिनेशन कमिटी के डाटा के मुताबिक सितंबर के 400 रुपये प्रति 100 अंडे से अब कीमतें 550 रुपये प्रति 100 अंडे तक पहुंच गई है।
चेन्नई और बेंगलुरु में भी बढ़े दाम
इसके अलावा चेन्नई में अंडो की कीमतों में 28 फीसदी का उछाल आया है। सितंबर में जो कीमतें 475 रुपये थीं अब 610 रुपये तक हो गई हैं। वहीं बेंगलुरु में 440 रुपये से 595 रुपये तक पहुंच गई हैं। जो कि अंडों की कीमतों में 35 फीसदी का उछाल हैं।
महीनेभर में औसतन अंडे की कीमतें बड़ी वृद्धि देखने को मिली है। जबिक नमाक्कल में जनवरी में 544.19 रुपये के अंडे मिल रहे थे वहीं अप्रैल में कम होकर 429.67 पर आ गए थे। लेकिन इसके बाद जून में अंडों की कीमतें ने 529.17 रुपये का लेवल पार कर लिया। अक्टूबर में औसतन कीमत 508.3 पर आ गई और अभी (20 नवंबर तक) औसतन कीमतें 541.43 रुपये तक पहुंच गई हैं।
ये फैक्टर भी करेंगे प्रभावित
पिछले 30 दिनों में नमाक्कल में अंडें की कीमतों में 6.8 फीसदी बढ़ें हैं। कीमतों में सीजनल फैक्टर जैसे मौसम जो मुर्गियों के अंडे सेने के पैटर्न को प्रभावित कर सकता है। ठंडा तापमान भी अंडे के प्रोडक्शन को कम कर सकता है। जिसकी वजह से सप्लाई में बाधा पहुंच सकती है।
