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Diwali Shopping से बिगड़ेगा बजट? मिठाई, कपड़े और गहनों की महंगाई ने बढ़ाई चिंता

दिवाली पर कपड़े, मिठाई और गहने तीन चीजों की सबसे ज्यादा खरीदारी होती है। लेकिन, तीनों पर महंगाई का असर दिख रहा है। CPI आधारित महंगाई के आंकड़े अब चिंता बढ़ाने लगे हैं।

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दिवाली पर शॉपिंग करना हुआ महंगा

Diwali Shopping Budget : दिवाली पर मिठाई खरीदनी हो, घर के लिए नए कपड़े लेने हों या फिर लक्ष्मी-गणेश की पूजा के लिए चांदी के सिक्के और गहने खरीदने हों, इस बार आपकी जेब पर ज्यादा बोझ पड़ सकता है।

वजह है खुदरा महंगाई में आया उछाल। सितंबर 2026 में महंगाई दर 5% के पार पहुंच गई है। खाने-पीने की चीजों की महंगाई 7.74% हो गई, जबकि चांदी के गहनों की कैटेगरी में महंगाई दर 87.80% दर्ज की गई है।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54% हो गई, जो अगस्त में 4.83% थी। वहीं, नवंबर में इसके 6.8% तक पहुंचने की आशंका है।

यानी एक साल पहले के मुकाबले आम उपभोक्ता की खरीदारी की टोकरी महंगी हुई है। ग्रामीण इलाकों में महंगाई दर 6.08% और शहरी इलाकों में 4.88% रही। ऐसे में इस बार दिवाली की खरीदारी का बजट बनाते समय कीमतों में आए बदलाव को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

दिवाली पर क्यों भारी पड़ेगी शॉपिंग?

महंगाई का आम आदमी की जेब पर असर समझने के लिए एक आसान उदाहरण लेते हैं। अगर पिछले साल किसी समान उपभोक्ता बास्केट पर ₹10,000 खर्च होते थे, तो 5.54% की खुदरा महंगाई दर के हिसाब से इस साल उसका तुलनीय खर्च करीब ₹10,554 हो सकता है। यानी औसतन ₹554 ज्यादा।

हालांकि, यह पूरे CPI बास्केट पर आधारित उदाहरण है, न कि हर परिवार के दिवाली शॉपिंग बजट का सटीक अनुमान। अगर खरीदारी में खाने-पीने की चीजों का हिस्सा ज्यादा है, तो खर्च में बढ़ोतरी औसत से अधिक हो सकती है। वहीं, चांदी के गहने खरीदने पर बजट पर अलग तरह का असर पड़ सकता है।

खाने-पीने की चीजों पर बढ़ा खर्च

दिवाली पर घर में मिठाई, नमकीन और पकवान बनाने के लिए आटा, तेल, मसाले, दूध और दूसरी चीजों की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा मेहमानों के लिए अतिरिक्त खरीदारी भी होती है। ऐसे में खाद्य महंगाई दर का बढ़ना घरेलू बजट के लिए चिंता का विषय है। सितंबर 2026 में खाद्य महंगाई दर बढ़कर 7.74% हो गई, जबकि अगस्त में यह 5.97% थी। इसका मतलब है कि एक साल में इस इंडेक्स मं शामिल चीजें करीब 6 फीसदी तक महंगी हो गई हैं।

चांदी के गहने 87.80% तक महंगे

दिवाली और धनतेरस के मौके पर चांदी के सिक्के, पायल, बिछिया या दूसरे गहने खरीदने की योजना बनाने वाले परिवारों के लिए यह सबसे अहम आंकड़ों में से एक है। सितंबर में चांदी के गहनों की CPI महंगाई दर 87.80% रही। इसका मतलब है अगर किसी चांदी के किसी गहने की कीमत सितंबर 2025 में ₹10,000 थी, तो 87.80% की महंगाई दर के हिसाब से सितंबर 2026 में उसकी कीमत करीब ₹18,780 हो गई।

कपड़े, बर्तन और घरेलू सजावट भी महंंगी

दिवाली पर नए कपड़े खरीदने, घर सजाने और रसोई के लिए नए बर्तन लेने का चलन है। CPI आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में कपड़ों की महंगाई दर 4.25% रही। बर्तन, क्रॉकरी और टेबलवेयर की कैटेगरी में यह 5.99% और फर्नीचर व घरेलू साज-सज्जा की कैटेगरी में 4.43% रही। घरेलू उपकरणों की महंगाई दर भी 3.26% और घरेलू टेक्सटाइल, जैसे पर्दे और दूसरे कपड़े, की दर 3.56% रही।

नवंबर में 6.8% तक पहुंच सकती महंगाई

दिवाली के आसपास खरीदारी के बजट पर दबाव की एक और वजह आने वाले महीनों में महंगाई को लेकर चिंता है। SBI Research की Ecowrap रिपोर्ट के मुताबिक, खुदरा महंगाई नवंबर 2026 में 6.7% से 6.8% तक पहुंच सकती है।

दिवाली की खरीदारी में कितना ज्यादा खर्च?

नीचे दी गई टेबल यह समझाती है कि अगर पिछले साल सितंबर में किसी कैटेगरी पर ₹1,000 खर्च होते थे, तो सितंबर 2026 की सालाना CPI महंगाई दर के आधार पर इस साल उस समान खरीदारी का तुलनीय खर्च कितना हो सकता है।

खरीदारी की कैटेगरीसितंबर में महंगाई दरपिछले साल का खर्चइस साल का अनुमानित खर्चअतिरिक्त खर्च
चांदी के गहने87.80%₹1,0000₹1,8780.00₹8780.00
खाने-पीने की चीजें7.74%₹1,0000₹1,0770.40₹770.40
बर्तन और क्रॉकरी5.99%₹1,000₹1,059.90₹59.90
फर्नीचर और घरेलू सजावट4.43%₹1,0000₹1,0440.30₹440.30
कपड़े4.25%₹1,0000₹1,0420.50₹420.50
घर की मरम्मत और रखरखाव4.05%₹1,0000₹1,0400.50₹400.50
यात्रा और यात्री परिवहन3.75%₹1,000₹1,037.50₹37.50
घरेलू टेक्सटाइल और पर्दे3.56%₹1,000₹1,035.60₹35.60
घरेलू उपकरण3.26%₹1,000₹1,032.60₹32.60
घर की नियमित देखभाल का सामान2.26%₹1,000₹1,022.60₹22.60
जूते-चप्पल1.78%₹1,000₹1,017.80₹17.80
पेय पदार्थ0.25%₹1,000₹1,002.50₹2.50
घर और गार्डन के औजार0.21%₹1,000₹1,002.10₹2.10
कार और दूसरे वाहनों की खरीद-2.56%₹1,000000₹974000.40₹25,999 की कमी
Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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