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Diwali 2026 : इस बार मिठाई नहीं, अपनों को गिफ्ट करें शेयर और Mutual Fund!

आमतौर पर दिवाली पर अपनों को मिठाइयां, कपड़े और गहने गिफ्ट किए जाते हैं। लेकिन, इस बार दिवाली पर अपनों को मिठाई ही नहीं, शेयर और म्यूचुअल फंड भी गिफ्ट कर सकते हैं।

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दिवाली पर गिफ्ट करें म्यूचुअल फंड

Diwali 2026 Mutual Fund Gift : इस दिवाली अपनों को सोने-चांदी, मिठाई या महंगे गिफ्ट देने के बजाय शेयर और म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) यूनिट्स गिफ्ट करने का विकल्प भी चुन सकते हैं।

ऐसा गिफ्ट आपके परिवार के किसी सदस्य के लिए भविष्य में दौलत बनाने की शुरुआत हो सकता है। लेकिन किसी को शेयर या म्यूचुअल फंड गिफ्ट करने से पहले यह जानना जरूरी है कि इन्हें ट्रांसफर कैसे किया जाता है और इस पर कितना टैक्स लग सकता है।

भारत में शेयर और म्यूचुअल फंड गिफ्ट करने के लिए कुछ नियम हैं। खास बात यह है कि परिवार के सदस्य को दिया गया गिफ्ट और किसी दोस्त या गैर-रिश्तेदार को दिया गया गिफ्ट टैक्स के लिहाज से अलग हो सकता है।

कैसे गिफ्ट करें किसी को शेयर?

अगर आप अपने माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नी या किसी अन्य व्यक्ति को अपने पोर्टफोलियो से शेयर देना चाहते हैं, तो आम तौर पर शेयरों को बेचने के बजाय सीधे ट्रांसफर किया जा सकता है।

इसके लिए देने वाले और पाने वाले, दोनों के पास डीमैट अकाउंट (Demat Account) होना चाहिए। शेयरधारक अपने ब्रोकर या डिपोजिटरी पार्टिसिपेंट्स के जरिये ऑफ-मार्केट ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी कर सकता है। इसके लिए प्राप्तकर्ता के डीमैट की सही जानकारी और जरूरी ट्रांसफर इंस्ट्रक्शन देने होते हैं।

क्या किसी को Mutual Fund भी कर सकते हैं गिफ्ट?

हां, म्यूचुअल फंड की यूनिट्स भी गिफ्ट की जा सकती हैं, लेकिन उनका ट्रांसफर इस बात पर निर्भर करेगा कि यूनिट्स Demat Account में रखी गई हैं या स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट (SoA) फॉर्म में।

Demat में रखी यूनिट्स को डिपॉजिटरी के जरिए ट्रांसफर किया जा सकता है। वहीं, SoA में रखी यूनिट्स के ट्रांसफर के लिए म्यूचुअल फंड, रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट (RTA) तथा MF सेंट्रल की लागू प्रक्रिया और पात्रता की जांच करनी चाहिए। हर स्कीम में हर तरह का ट्रांसफर उपलब्ध हो, यह जरूरी नहीं है।

₹50,000 से ज्यादा गिफ्ट पर कब लगेगा टैक्स?

Income-tax Act, 2025 की धारा 92 के तहत, किसी गैर-रिश्तेदार से बिना भुगतान के शेयर और सिक्योरिटीज जैसी निर्धारित संपत्ति मिलने पर, यदि संबंधित श्रेणी की कुल फेयर मार्केट वैल्यू वित्त वर्ष में ₹50,000 से अधिक हो जाती है, तो सामान्य तौर पर पूरी रकम टैक्स के दायरे में आ सकती है, सिर्फ ₹50,000 से ऊपर की रकम नहीं।

हालांकि, निर्धारित रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट को इस नियम से छूट है। इसमें पति या पत्नी, भाई-बहन, माता-पिता, बच्चे और कानून में बताए गए कुछ अन्य रिश्ते शामिल हैं।

शेयर बेचने पर किसे देना होगा टैक्स?

गिफ्ट के समय, निर्धारित शर्तों के तहत, किसी व्यक्ति या HUF द्वारा पूंजीगत संपत्ति का गिफ्ट सामान्य तौर पर कैपिटल गेन्स टैक्स (Capital Gains Tax) के लिए की गई बिक्री नहीं माना जाता। लेकिन बाद में प्राप्तकर्ता जब शेयर या म्यूचुअल फंड यूनिट्स बेचता है, तो उस समय टैक्स लग सकता है। ऐसी स्थिति में आम तौर पर मूल मालिक की खरीद लागत को ध्यान में रखा जाता है। पति-पत्नी या नाबालिग बच्चे को गिफ्ट करने पर आय की क्लबिंग के प्रोविजन भी लागू हो सकते हैं।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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