Dhanteras Gold and Silver Sales : इस साल धनतेरस के पावन पर्व पर देशभर के सर्राफा बाजार ग्राहकों से गुलजार रहने की पूरी उम्मीद है। आभूषण कारोबारियों का अनुमान है कि जनवरी के अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर से कीमतों में आई तेज गिरावट के बावजूद, इस बार धनतेरस पर सोने और चांदी की कुल बिक्री (मूल्य के लिहाज से) में 20 से 30 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, अगर बिक्री की मात्रा यानी वजन (वॉल्यूम) की बात की जाए, तो सोने की कुल बिक्री पिछले साल के स्तर के आसपास ही स्थिर रहने की संभावना है। बाजार एक्सपर्ट्स और ज्वैलर्स का कहना है कि चालू वर्ष में भले ही सोने-चांदी के दाम अपने ऑल-टाइम हाई से नीचे आए हों, लेकिन पिछले साल की धनतेरस की तुलना में कीमतें अब भी ऊंची बनी हुई हैं। ऐसे में उपभोक्ता इस बार भारी-भरकम गहनों की जगह हल्के वजन वाले आभूषणों (लाइटवेट ज्वेलरी) और कम बजट वाली खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। हिंदू धर्म और पंचांग में धनतेरस को कीमती धातुओं, सोने-चांदी के सिक्कों और बर्तनों की खरीदारी के लिए सबसे शुभ और मंगलकारी दिन माना जाता है।
धनतेरस 2026: कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच चमकने को तैयार सोना-चांदी, बिक्री में 20 से 30 प्रतिशत तेजी की उम्मीद
सैलरी की उपलब्धता से बढ़ेगा बाजार का उत्साह, महंगाई और वैश्विक तनाव से कुछ चिंताएं बरकरार
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) के अध्यक्ष राजेश रोकड़े ने उद्योग की तैयारियों और उम्मीदों पर चर्चा करते हुए बताया कि मूल्य के हिसाब से इस बार बिक्री में 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी की संभावना काफी मजबूत है। लेकिन वजन या मात्रा के लिहाज से बिक्री पिछले साल के समान ही रह सकती है। उन्होंने एक बेहद महत्वपूर्ण पहलू पर ध्यान दिलाते हुए कहा कि इस साल धनतेरस 6 नवंबर को महीने की शुरुआत में पड़ रही है। महीने का पहला हफ्ता होने के कारण ज्यादातर कामकाजी लोगों के पास वेतन (सैलरी) उपलब्ध होगा, जिससे खरीदारी को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, इसके साथ ही रोकड़े ने कुछ चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता और महाराष्ट्र जैसे कुछ राज्यों में सूखे जैसी स्थिति के चलते बढ़ती महंगाई उपभोक्ताओं की खरीदारी क्षमता और उनकी धारणा को थोड़ा प्रभावित जरूर कर सकती है। इसके बावजूद, त्योहारी सीजन और भारतीय संस्कृति में सोने-चांदी के धार्मिक व पारंपरिक महत्व को देखते हुए बाजार में मजबूत मांग की उम्मीद बनी हुई है।
ऑल-टाइम हाई से फिसलीं कीमतें, फिर भी पिछले साल की धनतेरस से महंगी हैं कीमती धातुएं
सोने और चांदी के मौजूदा दामों में पिछले कुछ महीनों में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें हाल ही में घटकर 1,48,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट, कर सहित) के स्तर पर आ गई हैं, जो अपने रिकॉर्ड स्तर से लगभग 19 प्रतिशत कम हैं। गौरतलब है कि 29 जनवरी, 2026 को दिल्ली में सोने की कीमत 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। लेकिन अगर इस कीमत की तुलना पिछले साल 18 अक्टूबर को धनतेरस के दिन दर्ज की गई 1,32,400 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से करें, तो मौजूदा भाव अब भी पिछले साल से अधिक हैं। यही स्थिति चांदी के बाजार में भी बनी हुई है। चांदी की दरें 29 जनवरी को बनाए गए अपने 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम रिकॉर्ड से 52 प्रतिशत गिरकर फिलहाल 1,94,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ चुकी हैं। लेकिन पिछले साल धनतेरस पर चांदी का भाव 1,70,000 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया था, जिसकी तुलना में वर्तमान दरें अभी भी ऊपर हैं। कीमतों में इस भारी उतार-चढ़ाव ने उपभोक्ताओं के लिए खरीदारी का एक नया और आकर्षक अवसर तैयार किया है।
युवाओं की पहली पसंद बनी चांदी, शादियों के सीजन के लिए दोनों धातुओं की बढ़ी मांग
चांदी के प्रति बढ़ते आकर्षण पर जीजेसी अध्यक्ष राजेश रोकड़े का कहना है कि किफायती दाम और बाजार में ट्रेंडी व नए डिजाइनों की व्यापक उपलब्धता के कारण चांदी युवाओं को अपनी ओर तेजी से आकर्षित कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि चांदी की बिक्री की मात्रा पिछले साल के बराबर रहेगी, जबकि मूल्य के लिहाज से इसमें 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। वहीं, जीजेसी के उपाध्यक्ष अविनाश गुप्ता चांदी के प्रति और भी अधिक उत्साहित नजर आए। गुप्ता के अनुसार, उच्चतम स्तर से चांदी की कीमतों में 50 प्रतिशत तक की गिरावट आने के बाद इस साल मात्रा के आधार पर चांदी की बिक्री में सालाना 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हो सकती है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक अविनाश गुप्ता ने यह भी कहा कि इस समय उपभोक्ता शादी-विवाह की जरूरतों के साथ-साथ सुरक्षित निवेश के लिए दोनों कीमती धातुएं खरीद रहे हैं। शादी के मुख्य आभूषणों के लिए जहां सोने को प्राथमिकता दी जा रही है, वहीं अन्य पारंपरिक रस्मों और उपहार देने के लिए चांदी के गहनों व वस्तुओं की काफी मांग है। उन्होंने अनुमान जताया कि सोने की बिक्री का कुल मूल्य 15 से 20 प्रतिशत बढ़ेगा, जबकि मात्रा पिछले साल के स्तर पर रहेगी। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) के क्षेत्रीय मुख्य कार्यकारी अधिकारी (भारत) सचिन जैन ने भी माना कि हालिया गिरावट के कारण आभूषणों की मांग में तेजी आई है। सेन्को गोल्ड के प्रबंध निदेशक सुवंकर सेन ने कहा कि उनकी कंपनी इस सीजन में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि का लक्ष्य लेकर चल रही है। खुदरा विक्रेता भी छूट और आकर्षक योजनाओं से ग्राहकों को लुभा रहे हैं। भारत फिलहाल चीन के बाद दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता और आयातक देश है।
