Nifty Next 50: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) बुधवार 24 अप्रैल से निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स पर डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट शुरू करने जा रहा है। एनएसई ने ये ऐलान मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से मंजूरी मिलने के बाद किया है। बता दें कि निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जो निफ्टी 50 के बाद निफ्टी 100 में बच जाती हैं। डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट के तहत, एक्सचेंज तीन सीरियल मंथली इंडेक्स कॉन्ट्रैक्ट और इंडेक्स ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट साइकिल ऑफर करेगा। कैश-सेटल्ड वाले डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स एक्सपायरी मंथ के लास्ट शुक्रवार को एक्सपायर होंगे।
निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स
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कब हुई थी निफ्टी नेक्स्ट 50 की शुरुआत
निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स पर डेरिवेटिव की शुरूआत मौजूदा इंडेक्स डेरिवेटिव प्रोडक्ट रेंज को और बेहतर बनाएगा। मार्च 2024 तक निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स में 23.76 प्रतिशत हिस्सेदारी फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर की है। इसके बाद 11.91 प्रतिशत के साथ कैपिटल गुड्स सेक्टर दूसरे और 11.57 प्रतिशत के साथ कंज्यूमर सर्विसेज तीसरे नंबर पर है। ये इंडेक्स 1 जनवरी 1997 को शुरू किया गया था।
कितनी है मार्केट कैपिटल
निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स की मार्केट कैपिटल 70 लाख करोड़ रुपये है, जो 29 मार्च, 2024 को एनएसई पर लिस्टेड शेयरों की कुल मार्केट कैपिटल का लगभग 18 प्रतिशत है। बता दें कि आम तौर पर डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट दो प्रकार के होते हैं - फ्यूचर और ऑप्शन।
फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट का मतलब फ्यूचर की डेट पर अंडरलाइंग सिक्योरिटी को खरीदने या बेचने के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता है, जबकि एक ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट खरीदार या कॉन्ट्रैक्ट धारक को एक तय अवधि के अंदर या इसके अंत में पहले से तय कीमत पर अंडरलाइंग एसेट को खरीदने या बेचने का अधिकार देता है।
