Gas Price : सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों Oil and Natural Gas Corporation (ओएनजीसी) और Oil India Limited (ऑयल इंडिया लिमिटेड) द्वारा उत्पादित प्राकृतिक गैस की एपीएम (प्रशासित मूल्य व्यवस्था) कीमत बढ़ा दी है। अब यह कीमत 6.75 डॉलर से बढ़ाकर 7 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) कर दी गई है। इस बारे में सरकार ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर जानकारी दी है। यह नई कीमत पुराने और विरासत वाले गैस क्षेत्रों से निकलने वाली गैस पर लागू होगी, जो एपीएम व्यवस्था के तहत आती है।
ओएनजीसी, ऑयल इंडिया के कुओं से निकलने वाली गैस की कीमत बढ़ी (तस्वीर-istock)
किन क्षेत्रों पर पड़ेगा असर
इस कीमत वृद्धि का असर आम लोगों से जुड़े कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर पड़ सकता है। खासकर उर्वरक उत्पादन, सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) और पाइप के जरिए घरों तक पहुंचने वाली रसोई गैस (पीएनजी) महंगी हो सकती है। क्योंकि इन सभी क्षेत्रों में एपीएम गैस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। देश में कुल घरेलू गैस उत्पादन का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा एपीएम गैस का है, जिसका उत्पादन करीब 9.2 करोड़ मानक घन मीटर प्रतिदिन है।
कैसे तय होती है गैस की कीमत
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक सरकार ने 2023 में एक नई मूल्य निर्धारण प्रणाली लागू की थी। इसके तहत पुराने गैस क्षेत्रों से निकलने वाली गैस की कीमत भारतीय कच्चे तेल के औसत मूल्य का 10 प्रतिशत तय की जाती है। इस कीमत को हर महीने अपडेट किया जाता है। हालांकि, पहले ओएनजीसी और ऑयल इंडिया के पुराने ब्लॉकों से निकलने वाली गैस की कीमत 4 से 6.5 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू के बीच तय थी। इस सीमा को दो साल तक स्थिर रखा गया और उसके बाद हर साल इसमें 0.25 डॉलर की बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया।
कीमत बढ़ाने का नया निर्णय
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक सरकार ने 2025-26 के लिए अधिकतम कीमत को बढ़ाकर 6.75 डॉलर किया था, जिसे अब बढ़ाकर 7 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू कर दिया गया है। वहीं, पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) के अनुसार, अप्रैल महीने के लिए घरेलू प्राकृतिक गैस की कीमत 10.76 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू तय हुई है। लेकिन एपीएम गैस की कीमत इस तय ऊपरी सीमा के भीतर ही रहेगी।
वैश्विक हालात का असर
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल आया है और पिछले एक महीने में यह करीब 50 प्रतिशत बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। इसका सीधा असर गैस की कीमतों पर भी पड़ रहा है।
नए कुओं और मुश्किल क्षेत्रों के लिए अलग नियम
सरकार ने अप्रैल 2023 में एक और अहम फैसला लिया था, जिसके तहत ओएनजीसी और ऑयल इंडिया को नए कुओं से उत्पादित गैस पर एपीएम कीमत से 20 प्रतिशत तक अधिक प्रीमियम लेने की अनुमति दी गई। वहीं, गहरे समुद्र और उच्च दबाव-उच्च तापमान वाले कठिन क्षेत्रों से निकलने वाली गैस के लिए कंपनियों को कीमत तय करने और बेचने की स्वतंत्रता दी गई है।
