Closing Bell Sensex Nifty Today : भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को एक बार फिर बिकवाली हावी रही। Sensex 374 अंक टूटकर 76,570 पर और Nifty 141 अंक गिरकर 23,914 पर बंद हुआ। Nifty दिन के निचले स्तर 23,786 तक पहुंच गया। सबसे बड़ी बात यह रही कि बाजार 24,000 के अहम स्तर के नीचे बंद हुआ। लेकिन असली सवाल सिर्फ आज की 141 अंकों की गिरावट नहीं है। बल्कि, बड़ा सवाल यह है कि क्या बाजार किसी बड़ी तबाही के मुहाने पर खड़ा है? क्योंकि, जब तमाम एक्सपर्ट और एनालिस्ट बाजार में ट्रेंड बदलने और टर्नअराउंड के दावे कर रहे हैं, तब यह लगातार तीसरा दिन है, जब सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में बंद हुए हैं।
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट
बाजार के सामने एक साथ चार बड़े खतरे
बाजार की परेशानी को समझने के लिए चार कड़ियां जोड़नी होंगी। पहला Crude Oil की तेजी है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से जंग भड़क उठी है। इसकी वजह से Hormuz Strait से क्रूड सप्लाई बंद होने का खतरा बढ़ गया है। इसी वजह से Brent crude करीब $96 प्रति बैरल तक पहुंच गया है। भारतीय बाजार और निवेशक एनर्जी प्राइस पर तुरंत रिएक्ट करते हैं, क्योंकि भारत एक नेट एनर्जी आयातक देश है। लिहाजा, क्रूड भारतीय बाजार के लिए एक नियर टर्म रिस्क बन गया है।
दूसरा बड़ा खतरा US Bond Yield है। ताजा डेटा के हिसाब से 10-year US Treasury Yield करीब 4.79% है। ऊंची यील्ड की वजह से भारत जैसे उभरते बाजारों की इक्विटी की तुलना में निवेशकों के लिए यूएस ट्रेजरी ज्यादा आकर्षक हैं। इससे विदेशी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
तीसरी बड़ी वजह ग्लोबल सेंटिमेंट है। जब जियोपॉलिटिक वजहों से पूरी दुनिया में माहौल में निराशा है, तो भारतीय बाजार के निवेशकों पर भी इसका असर दिखता है। बुधवार को Asian markets में भारी दबाव रहा। Nikkei करीब 2.7%, KOSPI 4.16% और Taiwan market 1.70% टूटे। यानी भारतीय बाजार की गिरावट अकेली घटना नहीं है।
इसके अलावा चौथा बड़ा खतरा Geopolitical Risk है। US-Iran संघर्ष और लंबा खिंचता है, तो इसका असर ग्लोलब क्रूड सप्लाई पर लंबे समय तक रह सकता है, जिससे बाजारों का प्रदर्शन खराब होने का जोखिम बढ़ जाता है।
कहां हुई सबसे ज्यादा बिकवाली?
आज भारतीय शेयर बाजार में यूं तो गिरावट ब्रॉड बेस्ड रही। लेकिन, कुछ सेक्टर ज्यादा दबाव में रहे। खासतौर पर Nifty Auto 1.79% और Nifty Media 1.75% गिरा। Nifty IT भी 1.25% नीचे रहा। Financial Services 0.73% और Private Bank 0.56% टूटे। यानी बाजार में सिर्फ कुछ चुनिंदा stocks की बिकवाली नहीं हुई, बल्कि कई sectors में risk appetite कमजोर दिखाई दी। हालांकि Pharma करीब सपाट रहा, जबकि PSU Bank और Realty में हल्की मजबूती रही।
क्या Crash की घंटी बज गई है?
फिलहाल, ज्यादातर मार्केट एक्सपर्ट मानते हैा कि बाजार में क्रैश जैसी पैनिक सेलिंग नहीं है। क्योंकि Nifty अभी अपने 52-week low 22,182 के मुकाबले काफी ऊपर है। इसके अलावा India VIX भी 11.56 पर है। इसका मतलब बाजार में डर जरूर है, लेकिन अभी पैनिक जैसी स्थिति नहीं दिख रही। लेकिन खतरा इसलिए बढ़ा है क्योंकि बाजार के बाहर के फैक्टर तेजी से बदल रहे हैं।
